“90’s में जन्मे भारतीय युवाओं के लिए Orkut पहला डिजिटल सोशल प्लेटफॉर्म था, जहां स्क्रैप्स, टेस्टिमोनियल्स और कम्युनिटीज ने दोस्ती को नया रूप दिया। आज के Instagram और Facebook से तुलना में यह सरल था, लेकिन भारत में इसकी लोकप्रियता ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा रही। हालिया ट्रेंड्स में नॉस्टेल्जिया बढ़ा है, जहां मीम्स और वायरल पोस्ट्स पुराने दिनों को याद दिलाते हैं।”
90’s में जन्मे भारतीयों के लिए Orkut वह प्लेटफॉर्म था जहां पहली बार ऑनलाइन दोस्ती की शुरुआत हुई, और यह 2004 में लॉन्च होने के बाद भारत में तेजी से पॉपुलर हो गया। Google द्वारा संचालित इस साइट पर यूजर्स प्रोफाइल बनाते थे, जहां फोटोज, इंटरेस्ट्स और स्टेटस शेयर किए जाते थे। भारत में Orkut की पहुंच इतनी थी कि 2010 तक यहां के 50% से ज्यादा यूजर्स भारतीय थे, जबकि ग्लोबल यूजर्स में ब्राजील के बाद भारत दूसरे नंबर पर था।
स्क्रैप्स फीचर सबसे अनोखा था, जहां दोस्त मैसेज भेजते थे जो पब्लिकली दिखते थे, और इससे प्राइवेसी की बजाय ओपन इंटरैक्शन को बढ़ावा मिला। टेस्टिमोनियल्स से यूजर्स एक-दूसरे की प्रशंसा लिखते थे, जो आज के LinkedIn एंडोर्समेंट्स की तरह काम करता था लेकिन ज्यादा पर्सनल। कम्युनिटीज में लोग हॉबीज जैसे Bollywood, Cricket या Tech पर डिस्कस करते थे, और यह Facebook ग्रुप्स का प्रोटोटाइप था।
आज के सोशल मीडिया से तुलना करें तो Orkut में कोई算法 नहीं था जो कंटेंट को पुश करता, सब कुछ ऑर्गेनिक था। लेकिन 2014 में बंद होने के बाद, कई यूजर्स Facebook पर शिफ्ट हो गए। हालिया डेटा से पता चलता है कि 2025 में सोशल मीडिया यूजर्स में 90’s जनरेशन अब 40% से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स हैं, जो Orkut के दिनों को मीम्स के जरिए याद करते हैं। उदाहरण के लिए, वायरल ट्रेंड्स में “Orkut Farewell Mail” जैसे मीम्स फिर से पॉपुलर हो रहे हैं, जहां यूजर्स पुराने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर रहे हैं।
Orkut की प्रमुख विशेषताएं और आज के प्लेटफॉर्म्स से तुलना
| विशेषता | Orkut में | आज के प्लेटफॉर्म्स में (Instagram/Facebook) |
|---|---|---|
| मैसेजिंग | Scraps: पब्लिक मैसेज, कोई प्राइवेट चैट नहीं | DMs: प्राइवेट और ग्रुप चैट्स उपलब्ध |
| प्रोफाइल | Basic: फोटो, इंटरेस्ट्स, टेस्टिमोनियल्स | Advanced: Stories, Reels, Bio लिंक्स |
| कम्युनिटी | Open groups: कोई मॉडरेशन नहीं | Moderated groups: स्पैम कंट्रोल |
| प्राइवेसी | Limited: सब कुछ पब्लिक | Custom: Privacy settings उपलब्ध |
| यूजर ग्रोथ | Invite-only शुरू में | Open access, algorithms ड्राइव |
90’s किड्स के लिए Orkut ने साइबर कैफे कल्चर को बढ़ावा दिया, जहां धीमे इंटरनेट पर लोडिंग का इंतजार जीवन का हिस्सा था। आज, 5G युग में यह यादें मीठी लगती हैं, लेकिन साइबर सिक्योरिटी के मामले में Orkut कमजोर था, जहां फेक प्रोफाइल्स आसानी से बनते थे। हालिया रिपोर्ट्स से 2025 में भारत में 80 करोड़ सोशल मीडिया यूजर्स हैं, और इनमें से कई Orkut यूजर्स अब प्राइवेसी पर फोकस करते हैं।
Orkut से सीखने योग्य टिप्स आज के यूजर्स के लिए
प्राइवेसी चेक करें: Orkut के दिनों में डेटा लीक कॉमन थे, आज दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यूज करें।
ऑर्गेनिक कनेक्शंस बनाएं: Algorithms पर निर्भर न रहें, रियल इंटरैक्शन बढ़ाएं।
नॉस्टेल्जिया को बैलेंस करें: पुराने प्लेटफॉर्म्स की यादें अच्छी, लेकिन नए ट्रेंड्स जैसे Metaverse में अपडेट रहें।
फेक न्यूज से बचें: Orkut कम्युनिटीज में अफवाहें फैलती थीं, आज फैक्ट-चेक टूल्स यूज करें।
डिजिटल वेल-बीइंग: Orkut पर घंटों बिताना कॉमन था, अब स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करें।
भारत में Orkut की विरासत आज भी जीवित है, जहां कई स्टार्टअप्स पुराने फीचर्स को नए ऐप्स में इंटीग्रेट कर रहे हैं। 90’s जनरेशन अब पैरेंट्स हैं, और वे अपने बच्चों को बताते हैं कि कैसे Orkut ने डिजिटल दुनिया की नींव रखी।
Disclaimer: यह लेख रिपोर्ट्स, टिप्स और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है।