ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, 172 साल पुराना इतिहास; बनाने में कितने हुए खर्च?

“हावड़ा जंक्शन भारत का सबसे बड़ा और व्यस्ततम रेलवे स्टेशन है, जो 1854 में स्थापित हुआ और 172 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण मूल रूप से 2.5 लाख रुपये की अनुमानित लागत से हुआ, जबकि हालिया विस्तारों में प्लेटफॉर्म बढ़कर 24 हो गए हैं और दैनिक यात्री संख्या 18 लाख तक पहुंचती है। स्टेशन की ऐतिहासिक महत्वपूर्णता, निर्माण विवरण और आधुनिक सुविधाओं पर फोकस।”

हावड़ा जंक्शन, कोलकाता में स्थित, भारत का सबसे बड़ा रेलवे कॉम्प्लेक्स है, जिसमें 24 प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें से 22 पूरी तरह संचालित हैं। यह स्टेशन पूर्वी भारत का मुख्य द्वार है और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई तथा गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ता है। दैनिक रूप से यहां 600 से अधिक ट्रेनें चलती हैं, जिनमें 252 मेल/एक्सप्रेस और 500 सबअर्बन ईएमयू ट्रेनें शामिल हैं।

इतिहास की मुख्य घटनाएं

1849 में ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच अनुबंध हुआ, जिसके तहत हावड़ा से रानीगंज तक लाइन बिछाई गई।

1851 में मुख्य इंजीनियर जॉर्ज टर्नबुल ने योजनाएं प्रस्तुत कीं।

1853 में पहला परीक्षण इंजन चला और 1854 में स्टेशन का उद्घाटन हुआ, जब पहली ट्रेन हावड़ा से हुगली गई।

1901 से 1906 तक नया स्टेशन भवन बनाया गया, जिसका डिजाइन आर्किटेक्ट हेल्सी रिकार्डो ने तैयार किया।

1954 में विद्युतीकरण हुआ, 1969 में पहली राजधानी एक्सप्रेस दिल्ली के लिए चली, 2011 में पहली डबल-डेकर ट्रेन धनबाद के लिए शुरू हुई।

2017 में अंत्योदय एक्सप्रेस लॉन्च हुई और स्टेशन को CII-IGBC सिल्वर रेटिंग मिली, जो महानगरीय शहरों में पहला ग्रीन रेलवे स्टेशन बना।

निर्माण लागत और विस्तार

मूल स्टेशन का निर्माण 1852 में 1.90 लाख से 2.74 लाख रुपये की निविदाओं के आधार पर हुआ, जिसमें औसत अनुमानित लागत 2.5 लाख रुपये थी। 1980 के दशक में 8 नए प्लेटफॉर्म जोड़े गए, जिससे कुल 15 हो गए। 1992 में नया टर्मिनल कॉम्प्लेक्स बनाया गया, जिसे 2009 में 4 और प्लेटफॉर्मों से विस्तारित किया। हालिया विकास में प्लेटफॉर्म नंबर 1 को 380 मीटर बढ़ाकर 1,296 मीटर लंबा बनाया गया, जो दुनिया का तीसरा सबसे लंबा प्लेटफॉर्म है।

वर्तमान सुविधाएं और महत्व

विकास चरणवर्षमुख्य बदलावअनुमानित प्रभाव
मूल निर्माण1854एक प्लेटफॉर्म और टिकट विंडोपूर्वी भारत में रेल कनेक्टिविटी की शुरुआत
नया भवन1905-1911रेड-ब्रिक संरचनायात्री क्षमता में वृद्धि
विस्तार19848 प्लेटफॉर्म जोड़ेकुल 15 प्लेटफॉर्म
नया टर्मिनल1992-20098+4 प्लेटफॉर्मकुल 23 प्लेटफॉर्म
हालिया2024-2025मेट्रो एकीकरण और प्लेटफॉर्म 24-25दैनिक यात्री संख्या 18 लाख तक

स्टेशन में दो टर्मिनल हैं: पुराना (टर्मिनल 1, प्लेटफॉर्म 1-15) और नया (टर्मिनल 2, प्लेटफॉर्म 17-23)। यहां फ्री वाई-फाई, यात्री निवास और रेल म्यूजियम उपलब्ध है। 2024 में हावड़ा मेट्रो स्टेशन खुला, जो 30 मीटर गहरा है और हुगली नदी के नीचे सुरंग से जुड़ा। स्टेशन 25 ट्रैक्स पर काम करता है और 88 लोकोमोटिव्स का शेड रखता है। यह कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के पांच प्रमुख स्टेशनों में से एक है, जहां दैनिक 18 लाख यात्री आते हैं।

प्रमुख आंकड़े

प्लेटफॉर्म: 24 (2 निर्माणाधीन)।

दैनिक ट्रेनें: 600+।

यात्री संख्या: 10-18 लाख।

ट्रेन लंबाई क्षमता: 24 कोच या अधिक।

जुड़े शहर: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, गुवाहाटी।

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