“दिसंबर 2025 में थोक मुद्रास्फीति 0.83% पर पहुंच गई, जो नवंबर के -0.32% से अधिक है। यह लगातार दूसरा महीना है जब मुद्रास्फीति में वृद्धि दर्ज हुई। रसोई की वस्तुओं में सब्जियों के दाम मासिक आधार पर 4.31% बढ़े, जबकि प्याज 8.06% महंगा हुआ। विनिर्मित उत्पादों में भी 1.82% की वृद्धि ने दबाव बढ़ाया।”
दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति 0.83 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो पिछले साल के दिसंबर की तुलना में है। नवंबर में यह -0.32 प्रतिशत थी, जबकि अक्टूबर में -1.02 प्रतिशत। इस तरह मुद्रास्फीति दर में लगातार दो महीनों की वृद्धि ने अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है।
प्राथमिक वस्तुओं में सालाना आधार पर 0.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि मासिक आधार पर 1.09 प्रतिशत का इजाफा हुआ। खाद्य वस्तुओं में सालाना आधार पर -0.43 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन मासिक आधार पर 0.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने रसोई का बजट प्रभावित किया।
सब्जियों के दाम मासिक आधार पर 4.31 प्रतिशत बढ़े, जिससे घरेलू खर्च पर असर पड़ा। प्याज में 8.06 प्रतिशत की मासिक वृद्धि ने आम उपभोक्ता को झटका दिया, जबकि आलू के दाम 8.03 प्रतिशत गिरे। फलों में 0.25 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई।
विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति सालाना 1.82 प्रतिशत पहुंची, जो नवंबर के 1.33 प्रतिशत से अधिक है। खाद्य उत्पादों के निर्माण में 0.90 प्रतिशत की सालाना वृद्धि ने महंगाई को बढ़ावा दिया। टेक्सटाइल्स में 1.68 प्रतिशत और मशीनरी में वृद्धि ने औद्योगिक लागत को ऊंचा किया।
ईंधन और बिजली में सालाना -2.31 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन मासिक आधार पर 1.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने राहत को सीमित रखा। मिनरल्स में 11.86 प्रतिशत की सालाना वृद्धि ने खनन क्षेत्र को प्रभावित किया।
| प्रमुख समूह | भार (प्रतिशत) | दिसंबर इंडेक्स | सालाना मुद्रास्फीति (प्रतिशत) | मासिक बदलाव (प्रतिशत) |
|---|---|---|---|---|
| सभी वस्तुएं | 100.00 | 157.0 | 0.83 | 0.71 |
| प्राथमिक वस्तुएं | 22.62 | 194.2 | 0.21 | 1.09 |
| खाद्य वस्तुएं | 15.26 | 206.6 | -0.43 | 0.88 |
| सब्जियां | 1.87 | 278.4 | -3.50 | 4.31 |
| प्याज | 0.16 | 189.1 | -54.40 | 8.06 |
| आलू | 0.28 | 225.6 | -38.21 | -8.03 |
| विनिर्मित उत्पाद | 64.23 | 145.6 | 1.82 | 0.41 |
| ईंधन और बिजली | 13.15 | 148.3 | -2.31 | 1.23 |
खाद्य सूचकांक में सालाना आधार पर कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन मासिक आधार पर 0.51 प्रतिशत की वृद्धि ने खुदरा स्तर पर असर डालने की संभावना बढ़ाई। दालों में -13.88 प्रतिशत की गिरावट ने कुछ राहत दी, लेकिन तेल बीजों में 14.82 प्रतिशत की वृद्धि ने संतुलन बिगाड़ा।
अन्य विनिर्माण में वृद्धि ने मुद्रास्फीति को 0.83 प्रतिशत तक पहुंचाया, जो अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत है। रसायन और फार्मास्यूटिकल्स में मामूली बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र को प्रभावित किया।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट वर्तमान रुझानों, आंकड़ों और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है।