“सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया, जहां 24 कैरेट का भाव 10 ग्राम के लिए 1,50,370 रुपये तक पहुंच गया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और मुद्रास्फीति से बचाव की मांग ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया, जबकि एक ही सत्र में 7,000 रुपये की तेजी ने निवेशकों को चौंका दिया। भारतीय बाजार में आभूषण खरीदार प्रभावित हुए, लेकिन निवेश के रूप में सोना मजबूत बना रहा।”
सोने की कीमतों ने आज सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए, जब 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1,50,370 रुपये पर पहुंच गया। यह पहली बार है जब भारतीय बाजार में सोना 1.5 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया। एमसीएक्स पर ट्रेडिंग के दौरान एक ही घंटे में कीमतों में 7,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी देखी गई, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय वृद्धि है। वैश्विक स्तर पर सोने का स्पॉट प्राइस भी $4,795 प्रति औंस तक उछला, जो डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से प्रेरित है।
भारतीय बाजार में यह उछाल मुख्य रूप से एशियाई केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से आया, जहां चीन और भारत जैसे देश मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोना जमा कर रहे हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, जैसे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाएं, ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत किया। मुद्रास्फीति हेज के रूप में सोने की मांग बढ़ी, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर कटौती की संभावनाओं ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेला। भारतीय रुपए की कमजोरी ने आयातित सोने को महंगा बनाया, जिससे घरेलू कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
निवेशकों के लिए यह वृद्धि दोधारी तलवार साबित हो रही है। एक ओर, सोने में निवेश करने वाले ईटीएफ और म्यूचुअल फंड्स ने 15-20% का रिटर्न दिया, लेकिन आभूषण खरीदारों के लिए त्योहारों से पहले कीमतें बोझ बन गईं। दिल्ली के सर्राफा बाजार में डीलरों ने बताया कि मांग में 10-15% की गिरावट आई, क्योंकि उपभोक्ता उच्च कीमतों पर खरीदारी टाल रहे हैं। हालांकि, डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म्स जैसे Paytm Gold और Google Pay पर ट्रांजेक्शन में 25% की वृद्धि दर्ज हुई, जो छोटे निवेशकों की रुचि दिखाती है।
शहरवार सोने की कीमतें (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम)
| शहर | आज की कीमत (रुपये) | कल की कीमत (रुपये) | वृद्धि (रुपये) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,50,370 | 1,43,370 | 7,000 |
| मुंबई | 1,50,050 | 1,43,050 | 7,000 |
| चेन्नई | 1,50,470 | 1,43,470 | 7,000 |
| कोलकाता | 1,50,160 | 1,43,160 | 7,000 |
| बेंगलुरु | 1,50,280 | 1,43,280 | 7,000 |
| हैदराबाद | 1,50,310 | 1,43,310 | 7,000 |
यह वृद्धि 2025 के अंत में देखे गए ट्रेंड को जारी रखती है, जब सोना 1,36,570 रुपये तक पहुंचा था। ऐतिहासिक रूप से, सोने ने 1970 के दशक में तेल संकट के दौरान इसी तरह की तेजी दिखाई, लेकिन वर्तमान उछाल केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी से अलग है। विश्व गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में केंद्रीय बैंकों ने 1,200 टन से अधिक सोना खरीदा, जो 2026 में और बढ़ने की उम्मीद है। भारत में, जीएसटी और आयात शुल्क ने कीमतों को 10-12% अतिरिक्त प्रभावित किया, लेकिन निवेशकों ने इसे मुद्रास्फीति से बेहतर रिटर्न के रूप में देखा।
सोने की कीमत वृद्धि के प्रमुख कारण
भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व और यूक्रेन संकट ने सुरक्षित संपत्ति की मांग बढ़ाई।
केंद्रीय बैंक खरीदारी: एशियाई बैंक डॉलर से विविधीकरण कर रहे हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर दबाव।
मुद्रास्फीति हेज: बढ़ती महंगाई के बीच सोना मूल्य संरक्षण का माध्यम बना।
ब्याज दर कटौती: फेड और आरबीआई की दरों में कमी ने बॉन्ड से सोने की ओर फंड शिफ्ट किया।
मांग में वृद्धि: चीन और भारत में फिजिकल गोल्ड की खरीदारी त्योहारों और निवेश से बढ़ी।
रुपए की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपए का गिरना आयातित सोने को महंगा बनाता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक विकास धीमा पड़ता है, तो सोना 1,60,000 रुपये तक जा सकता है। हालांकि, यदि अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो कीमतों में सुधार संभव। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे लंबी अवधि के लिए सोना रखें, क्योंकि अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। सिल्वर की कीमतों में भी समानांतर उछाल देखा गया, जो 3,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो सोने के साथ सहसंबंध दिखाती है।
ऐतिहासिक सोने की कीमतें (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम, औसत वार्षिक)
| वर्ष | कीमत (रुपये) | प्रतिशत वृद्धि |
|---|---|---|
| 2025 | 1,05,000-1,36,570 | 70% |
| 2024 | 77,913 | 19% |
| 2023 | 65,330 | 24% |
| 2022 | 52,670 | 8% |
| 2021 | 48,720 | 0.1% |
| 2020 | 48,651 | 38% |
| 2019 | 35,220 | 12% |
| 2018 | 31,438 | 6% |
| 2017 | 29,667 | 4% |
| 2016 | 28,623 | 9% |
यह ट्रेंड दिखाता है कि सोना लंबे समय में स्थिर रिटर्न देता है, लेकिन 2025-2026 की तेजी असाधारण है। बाजार में अब ध्यान सोने के फ्यूचर्स पर है, जहां एमसीएक्स पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1,51,000 रुपये पर ट्रेड हो रहा है। डीलरों का अनुमान है कि यदि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 90 से नीचे गिरता है, तो और वृद्धि संभव। उपभोक्ताओं के लिए, गोल्ड बॉन्ड या ईटीएफ जैसे विकल्प महंगे फिजिकल गोल्ड का विकल्प बन सकते हैं, जो स्टोरेज और सुरक्षा की समस्या से बचाते हैं।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट स्रोतों से प्राप्त जानकारी और टिप्स पर आधारित है।