“भारत-ईयू एफटीए समझौते से भारतीय छात्रों को यूरोप में अनकैप्ड मोबिलिटी मिलेगी, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद 9-12 महीने का पोस्ट-स्टडी वर्क पीरियड उपलब्ध होगा। 144 सर्विस सब-सेक्टर में सीधी एक्सेस से आईटी, प्रोफेशनल सर्विसेज और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में नौकरियां आसान होंगी, जो स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए ग्लोबल ऑपर्चुनिटी बढ़ाएंगी। समझौते से एमएसएमई, महिलाओं और युवाओं को भी फायदा होगा, जबकि संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रहेंगे।”
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) ने भारतीय छात्रों के लिए यूरोप में करियर के नए द्वार खोल दिए हैं। इस समझौते के तहत ईयू ने भारतीय छात्रों के लिए अनकैप्ड मोबिलिटी की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे वे आसानी से यूरोपीय देशों में यात्रा, पढ़ाई और काम कर सकेंगे। खासतौर पर, ईयू इंस्टीट्यूशंस से ग्रेजुएट करने वाले भारतीय छात्रों को 9 से 12 महीने का पोस्ट-स्टडी वर्क पीरियड मिलेगा, जिसमें वे यूरोप में नौकरी तलाश सकेंगे और पर्मानेंट जॉब्स में ट्रांजिशन कर सकेंगे।
यह मोबिलिटी फ्रेमवर्क शॉर्ट-टर्म और टेम्परेरी मूवमेंट को सपोर्ट करता है, जो स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड वर्कर्स के लिए डिजाइन किया गया है। भारतीय छात्र अब ईयू के 144 सर्विस सब-सेक्टर में प्रेडिक्टेबल एक्सेस पा सकेंगे, जिसमें आईटी/आईटीईएस, प्रोफेशनल सर्विसेज, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, टूरिज्म, कंस्ट्रक्शन और अन्य बिजनेस सर्विसेज शामिल हैं। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप और उसके बाद डायरेक्ट रिक्रूटमेंट का रास्ता मिलेगा, जो पहले वीजा रिस्ट्रिक्शंस की वजह से मुश्किल था।
ईयू की ओर से 37 सेक्टर/सब-सेक्टर में कॉन्ट्रैक्चुअल सर्विस सप्लायर्स (सीएसएस) और 17 सेक्टर/सब-सेक्टर में इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल्स (आईपी) के लिए कमिटमेंट्स दिए गए हैं, जो भारतीय छात्रों के हित में हैं। उदाहरण के लिए, कंप्यूटर एंड रिलेटेड सर्विसेज में भारतीय आईटी ग्रेजुएट्स को ईयू मार्केट में कॉम्पिटिटिव सर्विसेज प्रोवाइड करने का मौका मिलेगा, जबकि रिसर्च एंड डेवलपमेंट सर्विसेज में रिसर्च-बेस्ड जॉब्स उपलब्ध होंगे। समझौते में सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट्स पर पांच साल के अंदर कंस्ट्रक्टिव एंगेजमेंट का प्रावधान है, जो छात्रों को लॉन्ग-टर्म स्टे में फाइनेंशियल सिक्योरिटी देगा।
मुख्य सेक्टर जहां भारतीय छात्रों को डायरेक्ट रिक्रूटमेंट मिलेगी
नीचे दी गई टेबल में उन प्रमुख कैटेगरीज का विवरण है, जहां ईयू के 144 सब-सेक्टर से जुड़ी नौकरियां भारतीय छात्रों के लिए ओपन होंगी। ये सेक्टर भारत की सर्विस एक्सपोर्ट स्ट्रेंग्थ से मैच करते हैं और छात्रों को ग्लोबल वैल्यू चेन्स में इंटीग्रेट होने का अवसर देंगे:
| सेक्टर कैटेगरी | प्रमुख सब-सेक्टर | छात्रों के लिए लाभ |
|---|---|---|
| आईटी/आईटीईएस | सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिसिस, क्लाउड कंप्यूटिंग | पोस्ट-ग्रेजुएशन इंटर्नशिप से डायरेक्ट हायरिंग, हाई-सैलरी जॉब्स यूके, जर्मनी जैसे देशों में |
| प्रोफेशनल सर्विसेज | एकाउंटिंग, लीगल, आर्किटेक्चरल सर्विसेज | स्किल्ड ग्रेजुएट्स को ईयू फर्म्स में प्रोफेशनल रोल्स, क्रॉस-बॉर्डर प्रोजेक्ट्स में पार्टिसिपेशन |
| एजुकेशन सर्विसेज | हायर एजुकेशन, वोकेशनल ट्रेनिंग, ऑनलाइन कोर्सेज | स्टूडेंट मोबिलिटी से ईयू यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के बाद टीचिंग या रिसर्च पोजिशंस |
| फाइनेंशियल सर्विसेज | बैंकिंग, इंश्योरेंस, इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी | फिनटेक ग्रेजुएट्स को ईयू फाइनेंशियल हब्स जैसे फ्रैंकफर्ट में एंट्री-लेवल जॉब्स |
| टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी | होटल मैनेजमेंट, ट्रैवल सर्विसेज, इवेंट प्लानिंग | टूरिज्म कोर्स करने वालों को ईयू टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में सीजनल और पर्मानेंट रोल्स |
| कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग | सिविल इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट | इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को ईयू प्रोजेक्ट्स में जॉइनिंग, जैसे ग्रीन इंफ्रा इनिशिएटिव्स |
| अन्य बिजनेस सर्विसेज | मार्केटिंग, कंसल्टिंग, लॉजिस्टिक्स | एमबीए ग्रेजुएट्स को मल्टीनेशनल फर्म्स में एक्सपोजर, सप्लाई चेन रोल्स |
ये सेक्टर कुल 144 सब-सेक्टर का हिस्सा हैं, जहां ईयू ने भारतीय सर्विस प्रोवाइडर्स को प्रेडिक्टेबल एक्सेस दिया है। छात्रों के लिए यह मतलब है कि वे ईयू में पढ़ाई के दौरान नेटवर्किंग कर सकेंगे और ग्रेजुएशन के तुरंत बाद जॉब मार्केट में एंटर कर सकेंगे, बिना कॉम्प्लिकेटेड वीजा प्रोसेस के।
छात्रों के लिए मोबिलिटी फ्रेमवर्क की डिटेल्स
समझौते का मोबिलिटी फ्रेमवर्क फ्यूचर-रेडी है, जो भारतीय छात्रों को ईयू में शॉर्ट-टर्म स्टे से लेकर लॉन्ग-टर्म एम्प्लॉयमेंट तक सपोर्ट करता है। पोस्ट-स्टडी वर्क ऑपर्चुनिटी के तहत छात्र 9-12 महीने तक ईयू में रहकर जॉब सर्च कर सकेंगे, जिसमें रिज्यूमे बिल्डिंग, इंटरव्यूज और स्किल ट्रेनिंग शामिल होगी। ईयू ने स्टूडेंट मोबिलिटी को बाइंडिंग कमिटमेंट्स दिए हैं, जिससे भारतीय यूनिवर्सिटीज के साथ पार्टनरशिप बढ़ेगी और एक्सचेंज प्रोग्राम्स आसान होंगे।
स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए, समझौते में सेमी-स्किल्ड वर्कर्स को भी शामिल किया गया है, जैसे कि टेक्निकल फील्ड्स में। उदाहरण के लिए, एक भारतीय इंजीनियरिंग स्टूडेंट जो ईयू में मास्टर्स करता है, वह ग्रेजुएशन के बाद डायरेक्टली ईयू फर्म्स में अप्लाई कर सकेगा, जहां टैरिफ रिडक्शन से इंडियन टैलेंट की डिमांड बढ़ेगी। यह फ्रेमवर्क पीपल-टू-पीपल टाइज को स्ट्रेंग्थन करेगा, जिससे भारतीय छात्रों को कल्चरल एक्सपोजर और ग्लोबल नेटवर्क मिलेगा।
इकोनॉमिक इंपैक्ट और जॉब क्रिएशन
यह एफटीए भारतीय छात्रों के लिए सिर्फ जॉब्स नहीं, बल्कि इकोनॉमिक ग्रोथ का टूल है। ईयू मार्केट में 99% इंडियन एक्सपोर्ट्स को प्रेफरेंशियल एंट्री मिलेगी, जो लेबर-इंटेंसिव सेक्टर जैसे टेक्सटाइल्स, लेदर और जेम्स एंड ज्वेलरी को बूस्ट देगा। छात्रों के लिए, यह मतलब है कि वे इन सेक्टर से जुड़ी सर्विसेज में जॉइन कर सकेंगे, जैसे कि डिजाइन या मार्केटिंग रोल्स। एमएसएमई और महिलाओं के लिए जॉब क्रिएशन बढ़ेगा, क्योंकि समझौते में यंग प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दी गई है।
ईयू की ओर से 102 सब-सेक्टर में इंडिया को एक्सेस दिया गया है, जो हाई-टेक इन्वेस्टमेंट लाएगा और भारतीय छात्रों को ट्रेनिंग ऑपर्चुनिटी देगा। कुल मिलाकर, यह समझौता 2 बिलियन लोगों के लिए ट्रेड और इनोवेशन के नए अवसर खोलेगा, जिसमें भारतीय छात्र सबसे बड़े बेनिफिशियरी होंगे।
छात्रों के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
ईयू यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करते समय मोबिलिटी फ्रेमवर्क का जिक्र करें, जो वीजा प्रोसेस को फास्ट-ट्रैक करेगा।
पोस्ट-स्टडी पीरियड में लिंक्डइन और ईयू जॉब पोर्टल्स जैसे Indeed EU का इस्तेमाल करें, जहां 144 सेक्टर से जुड़ी वेकेंसीज पोस्ट होती हैं।
स्किल सर्टिफिकेशन जैसे कि EU Blue Card के लिए तैयारी करें, जो लॉन्ग-टर्म जॉब्स के लिए जरूरी है।
इंडियन स्टूडेंट एसोसिएशंस से जुड़ें, जो ईयू में नेटवर्किंग और जॉब रेफरल्स प्रोवाइड करते हैं।
फाइनेंशियल प्लानिंग करें, क्योंकि पोस्ट-स्टडी स्टे में लिविंग कॉस्ट्स को कवर करने के लिए स्कॉलरशिप्स अप्लाई करें।
यह समझौता भारतीय छात्रों को ग्लोबल टैलेंट पूल में मजबूत पोजिशन देगा, जहां वे ईयू की हाई-वैल्यू मार्केट में योगदान दे सकेंगे।
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