दिल्ली स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल की शुरुआत: 2035 तक दिल्ली को भारत का स्टार्टअप कैपिटल बनाने का बड़ा मिशन शुरू

दिल्ली सरकार ने NSUT में दिल्ली स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ किया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह युवाओं को जॉब क्रिएटर्स बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्तावित दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के तहत 5 साल में 325 करोड़ रुपये निवेश कर 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 75,000 से ज्यादा छात्र सरकारी एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम्स में जुड़े हैं, जहां सालाना 30% की ग्रोथ दर्ज की जा रही है।

दिल्ली स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ

Netaji Subhas University of Technology (NSUT), द्वारका में दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली स्टार्टअप यूथ फेस्टिवल 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसकी शुरुआत की, जिसमें छात्रों, मेंटर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और निवेशकों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

यह फेस्टिवल Directorate of Training and Technical Education (DTTE) द्वारा आयोजित है, जिसका मुख्य उद्देश्य कैंपस से बाजार तक के सफर को आसान बनाना है। मंत्री ने जोर दिया कि यूनिवर्सिटी अब सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप का हब बन रही हैं। छात्रों से अपील की गई कि वे कैंपस में विकसित आइडियाज को मार्केट-रेडी प्रोडक्ट्स में बदलें।

फेस्टिवल में लाइव पिचिंग सेशन्स, मेंटरिंग और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध हैं। इससे युवा उद्यमियों को निवेशकों से जुड़ने और अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने का प्लेटफॉर्म मिलेगा।

2035 तक दिल्ली को स्टार्टअप हब बनाने का रोडमैप

दिल्ली सरकार दिल्ली को भारत की स्टार्टअप कैपिटल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रस्तावित दिल्ली स्टार्टअप पॉलिसी 2025 के जरिए अगले 5 साल में 325 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस पॉलिसी का लक्ष्य 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना है।

मुख्य फोकस एरिया:

स्टूडेंट एंटरप्रेन्योर्स

वुमन फाउंडर्स

फर्स्ट-जनरेशन इनोवेटर्स

पॉलिसी में इनक्यूबेशन सेंटर्स और इनोवेशन लैब्स का विस्तार शामिल है। दिल्ली स्टूडेंट सीड फंड की स्थापना से शुरुआती स्टेज के वेंचर्स को फाइनेंशियल मदद मिलेगी, ताकि कोई अच्छा आइडिया फंड की कमी से न रुके।

वर्तमान स्थिति और ग्रोथ वर्तमान में दिल्ली सरकार के सपोर्ट से 470 से ज्यादा स्टार्टअप्स इनक्यूबेट हो रहे हैं, जिनमें हेल्थकेयर, सस्टेनेबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स प्रमुख हैं।

75,000+ छात्र सरकारी एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम्स में सक्रिय

सालाना भागीदारी में 30% की ग्रोथ

अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स पहले साल में औसतन 4-5 डायरेक्ट जॉब्स क्रिएट करते हैं

कुल मिलाकर 500-600 करोड़ रुपये की रेवेन्यू जनरेशन

DTTE ने TiE Delhi-NCR के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है, जिससे लॉन्ग-टर्म मेंटरशिप, कैपेसिटी बिल्डिंग और फंडिंग एक्सेस में सुधार होगा।

फेस्टिवल को सालाना प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जहां यूनिवर्सिटी, कॉलेज, मेंटर्स और इंडस्ट्री एक साथ आएंगे। मंत्री ने कहा कि भारत का अगला यूनिकॉर्न NSUT जैसे कैंपस, हॉस्टल रूम या लैब से निकल सकता है।

Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्ट्स और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है।

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