“बंधन बैंक के शेयर पिछले 7 सालों से लगातार गिरावट का शिकार हैं, जहां 2019 के उच्चतम स्तर से 80% से अधिक की कमी आई है। वर्तमान मूल्य कोरोना काल के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है, लेकिन हालिया तिमाही परिणामों के बाद ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक हैं और 20-25% उछाल की उम्मीद जता रहे हैं।”
बंधन बैंक के शेयरों में पिछले सात वर्षों से निरंतर गिरावट देखी जा रही है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 2019 में शेयर का उच्चतम मूल्य 741 रुपये तक पहुंचा था, लेकिन उसके बाद से इसमें लगभग 80% की कमी आई है। वर्तमान में स्टॉक 149 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, जो मार्च 2020 के कोरोना संकट काल के निचले स्तर 152 रुपये के बराबर है। इस गिरावट के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें माइक्रोफाइनेंस सेक्टर की चुनौतियां, एसेट क्वालिटी में उतार-चढ़ाव और बाजार की समग्र धारणा शामिल है।
शेयर मूल्य की गिरावट का ऐतिहासिक विश्लेषण
बंधन बैंक का स्टॉक 2018 में लिस्टिंग के बाद शुरुआती उत्साह दिखाया, लेकिन 2019 के बाद से ट्रेंड नीचे की ओर रहा। यहां पिछले सात वर्षों के प्रमुख डेटा का सारांश है:
| वर्ष | उच्चतम मूल्य (रुपये) | निम्नतम मूल्य (रुपये) | समापन मूल्य (रुपये) | वार्षिक बदलाव (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2019 | 741 | 450 | 541 | +44 |
| 2020 | 550 | 152 | 311 | -42 |
| 2021 | 430 | 229 | 309 | -1 |
| 2022 | 350 | 229 | 240 | -22 |
| 2023 | 272 | 182 | 241 | +0.4 |
| 2024 | 263 | 169 | 182 | -24 |
| 2025 | 192 | 128 | 149 | -18 |
यह表 दर्शाता है कि 2020 के कोरोना संकट के बाद स्टॉक में रिकवरी सीमित रही। 2021 में मामूली सुधार हुआ, लेकिन उसके बाद से गिरावट जारी है। 5 वर्षों का CAGR -13% रहा, जबकि 3 वर्षों में -15% की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान बैंक की माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ा, जहां NPA स्तर 7% तक पहुंच गया था, हालांकि हालिया तिमाहियों में इसमें सुधार हुआ है।
कोरोना काल के भाव पर वापसी: कारण और प्रभाव
मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान बंधन बैंक का स्टॉक 152 रुपये के निचले स्तर पर पहुंचा था, जब बाजार में भारी बिकवाली हुई। उस समय बैंक की 80% से अधिक आय माइक्रोफाइनेंस से आती थी, जो लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुई। कर्ज वसूली रुक गई, और एसेट क्वालिटी बिगड़ी। अब 2026 में स्टॉक फिर से उसी स्तर के करीब है, लेकिन संदर्भ अलग है। हालिया गिरावट Q2FY26 के कमजोर परिणामों से जुड़ी, जहां नेट इंटरेस्ट मार्जिन 7.1% से घटकर 6.8% हो गया। हालांकि, Q3FY26 में बैंक ने मजबूत वापसी की, जहां नेट प्रॉफिट 28% बढ़कर 926 करोड़ रुपये पहुंचा। डिपॉजिट ग्रोथ 21% रही, जबकि एडवांस 18% बढ़े। इसने निवेशकों का ध्यान खींचा, और स्टॉक में 5% की तेजी आई।
मुख्य कारण:
सेक्टर चुनौतियां : माइक्रोफाइनेंस में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, जहां IDFC First Bank और AU Small Finance Bank जैसे प्रतिद्वंद्वी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रेगुलेटरी दबाव : RBI के सख्त नियमों से बैंक की ग्रोथ सीमित हुई, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
आर्थिक कारक : उच्च ब्याज दरें और मुद्रास्फीति ने कर्जदारों की चुकौती क्षमता प्रभावित की।
इस स्तर पर स्टॉक निवेशकों के लिए आकर्षक लग रहा है, क्योंकि P/B रेशियो 0.98 है, जो ऐतिहासिक औसत 1.5 से कम है।
ब्रोकरेज हाउस की राय: भविष्य की संभावनाएं
हालिया Q3 परिणामों के बाद कई ब्रोकरेज ने बंधन बैंक पर सकारात्मक रुख अपनाया है। यहां प्रमुख ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस का सारांश है:
| ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | टारगेट प्राइस (रुपये) | अपसाइड पोटेंशियल (%) | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|---|
| Motilal Oswal | Buy | 175 | 23 | एसेट क्वालिटी में सुधार, ROA 1.3-1.5% की उम्मीद |
| JM Financial | Buy | 180 | 25 | Q3 बीट के बाद अपग्रेड, ग्रोथ 27% EPS |
| Angel One | Accumulate | 165 | 14 | डिपॉजिट मोबिलाइजेशन मजबूत, NPA घटकर 4.5% |
| ICICI Securities | Hold | 155 | 8 | रिस्क बैलेंस्ड, लेकिन सेक्टर रिकवरी धीमी |
Motilal Oswal ने पांच साल की डी-रेटिंग के बाद स्टॉक को अपग्रेड किया, जिसमें कहा गया कि बैंक की डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी (रिटेल और SME में विस्तार) से FY26-27 में ROE 12% तक पहुंच सकता है। JM Financial ने Q3 के मजबूत प्रदर्शन पर जोर दिया, जहां PPOP 35% बढ़ा। हालांकि, कुछ ब्रोकरेज जैसे ICICI Securities सतर्क हैं, क्योंकि माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में अभी भी अनिश्चितता है। कुल मिलाकर, ब्रोकरेज औसत टारगेट 170 रुपये है, जो वर्तमान स्तर से 20% उछाल दर्शाता है।
निवेशकों के लिए प्रमुख बिंदु
मजबूत पक्ष : बैंक की ब्रांच नेटवर्क 6,000 से अधिक है, मुख्य रूप से पूर्वी भारत में, जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधार रही है। CASA रेशियो 35% है, जो लागत कम रखता है।
जोखिम : यदि आर्थिक मंदी आई, तो NPA फिर बढ़ सकता है। प्रतिस्पर्धा से मार्जिन पर दबाव।
रणनीतिक बदलाव : बैंक अब हाउसिंग फाइनेंस और गोल्ड लोन पर फोकस कर रहा है, जो FY26 में 15% ग्रोथ दे सकता है।
तुलनात्मक विश्लेषण : Bandhan का P/E रेशियो 23.9 है, जबकि सेक्टर औसत 18 है, लेकिन ग्रोथ पोटेंशियल से यह जस्टिफाइड लगता है।
बंधन बैंक के स्टॉक में यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकती है, खासकर यदि ब्रोकरेज की भविष्यवाणियां सही साबित हुईं। बाजार की नजर अब Q4 परिणामों पर है, जहां आगे सुधार की उम्मीद है।
Disclaimer: यह एक समाचार रिपोर्ट है जो उपलब्ध स्रोतों और टिप्स पर आधारित है।