“सोने और चांदी के दामों में तेजी का दौर जारी है। वैश्विक अनिश्चितताओं, सेंट्रल बैंक की खरीदारी और इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोना 1.75 लाख से 1.95 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.80 लाख से 4.60 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकती है। निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका हो सकता है, लेकिन वोलेटिलिटी से सावधान रहें।”
सोने-चांदी में आ सकता है जोरदार उछाल, कहां पहुंचेंगे दाम? एक्सपर्ट ने दिया टारगेट प्राइस
आज भारत में सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच चुके हैं। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स 1,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि स्पॉट मार्केट में 24 कैरेट सोना 15,900 से 16,150 रुपये प्रति ग्राम के बीच है। 22 कैरेट सोना दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में 14,700 से 14,800 रुपये प्रति ग्राम पर है। चांदी के दाम भी तेजी से बढ़े हैं, जहां 1 किलो चांदी 2,64,000 से 3,00,000 रुपये के बीच ट्रेड कर रही है, और प्रति ग्राम 260 से 300 रुपये तक पहुंच गई है।
यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर गोल्ड के 5,100-5,200 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर के 80-90 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचने से जुड़ी है। अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी, जियोपॉलिटिकल टेंशन, कमजोर डॉलर और सेंट्रल बैंकों की निरंतर खरीदारी ने प्रेशियस मेटल्स को सपोर्ट दिया है। भारत में लोकल डिमांड, खासकर ज्वेलरी और निवेश के लिए, भी मजबूत बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने में आगे और उछाल आ सकता है। जेपी मॉर्गन जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज ने 2026 के अंत तक गोल्ड को 5,000 डॉलर प्रति औंस के करीब देखा है, जबकि कुछ अनुमान 6,000 डॉलर तक जाते हैं। भारत में यह 1,75,000 से 1,95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। ग्लोबलडाटा की रिपोर्ट में भी यही अनुमान है कि एंड-2026 तक सोना इस रेंज में ट्रेड करेगा।
चांदी में उछाल और भी तेज होने की उम्मीद है। सिटीग्रुप ने शॉर्ट टर्म में 150 डॉलर प्रति औंस का टारगेट दिया है, जबकि लॉन्ग टर्म में 175-220 डॉलर तक की बात है। भारत में चांदी 3.80 लाख से 4.60 लाख रुपये प्रति किलो तक जा सकती है। इंडस्ट्रियल डिमांड, खासकर सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में, चांदी को ‘गोल्ड ऑन स्टेरॉयड्स’ बना रही है। सप्लाई डेफिसिट भी कीमतों को ऊपर धकेल रहा है।
मुख्य फैक्टर्स जो तेजी को ड्राइव कर रहे हैं:
ग्लोबल अनिश्चितताएं और ट्रेड वॉर की आशंका
सेंट्रल बैंक्स की रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन में गोल्ड की बढ़ती हिस्सेदारी
चांदी की इंडस्ट्रियल यूज में रिकॉर्ड ग्रोथ
कमजोर अमेरिकी डॉलर और इन्फ्लेशन प्रोटेक्शन की डिमांड
भारत में फेस्टिव सीजन और वेडिंग डिमांड का सपोर्ट
शॉर्ट टर्म टारगेट्स (अगले कुछ हफ्तों में):
MCX गोल्ड: 1,63,000 से 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है
MCX सिल्वर: 2,60,000 से 2,80,000 रुपये प्रति किलो तक
लॉन्ग टर्म टारगेट्स (2026 एंड तक):
सोना: 1,75,000-1,95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (कुछ एक्सपर्ट्स 2 लाख+ भी देख रहे हैं)
चांदी: 3,80,000-4,60,000 रुपये प्रति किलो (ऊपरी स्तर 5 लाख तक संभव)
निवेशकों को सलाह है कि वोलेटिलिटी को ध्यान में रखते हुए SIP या लंपसम में निवेश करें। गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स या फिजिकल गोल्ड में डाइवर्सिफाई करें। चांदी में इंडस्ट्रियल ग्रोथ के कारण ज्यादा पोटेंशियल दिख रहा है, लेकिन रिस्क भी ज्यादा है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट और मार्केट एनालिसिस पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। कीमतें बदल सकती हैं।



