“OTP शेयर करने या क्रेडिट कार्ड किसी को देने से अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो सकते हैं, जो क्रेडिट यूटिलाइजेशन बढ़ाता है और मिस्ड पेमेंट्स से स्कोर 50-100 पॉइंट्स तक गिर सकता है; RBI के नए 2FA नियमों के बावजूद फ्रॉड रिस्क बरकरार है, जहां 2025 में डिजिटल स्कैम्स 85% बढ़े थे।”
OTP शेयर करने से अनधिकृत ट्रांजेक्शन तुरंत हो जाते हैं, क्योंकि स्कैमर्स या रिश्तेदार कार्ड डिटेल्स का दुरुपयोग कर बड़े अमाउंट खर्च कर सकते हैं। इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30% से ऊपर चला जाता है, जो CIBIL स्कोर को 20-50 पॉइंट्स कम कर देता है। यदि ट्रांजेक्शन फ्रॉडुलेंट हैं, तो बैंक जांच में समय लगता है, लेकिन तब तक स्कोर प्रभावित हो चुका होता है।
रिश्तेदार को कार्ड देने पर वे अनियोजित खरीदारी कर सकते हैं, जैसे ऑनलाइन शॉपिंग या कैश विड्रॉल, जो आपकी लिमिट का 50-70% इस्तेमाल कर देती है। इससे स्कोर में तत्काल गिरावट आती है, क्योंकि क्रेडिट ब्यूरो जैसे CIBIL या Equifax इसे हाई रिस्क मानते हैं। 2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामलों में औसत स्कोर ड्रॉप 80 पॉइंट्स तक होता है।
OTP शेयरिंग से स्कैमर्स क्रेडिट लिमिट एक्सटेंशन रिक्वेस्ट कर सकते हैं, जो हार्ड इंक्वायरी ट्रिगर करती है और स्कोर 5-10 पॉइंट्स कम करती है। यदि एक्सटेंशन अप्रूव हो जाती है और दुरुपयोग होता है, तो डेट-टू-इनकम रेशियो बिगड़ जाता है, जिससे स्कोर और गिरता है। RBI के अप्रैल 2026 से लागू 2FA नियमों में SMS OTP के अलावा बायोमेट्रिक्स जोड़े गए हैं, लेकिन पुराने स्कैम्स अभी भी प्रभावी हैं।
यदि मिस्ड पेमेंट होता है, तो CIBIL रिपोर्ट में नेगेटिव मार्क लगता है, जो स्कोर को 100 पॉइंट्स तक गिरा सकता है। फ्रॉड रिपोर्ट करने पर भी रिकवरी में 30-90 दिन लगते हैं, लेकिन स्कोर तुरंत प्रभावित होता है। डिजिटल फुटप्रिंट से क्रेडिट ब्यूरो सोशल मीडिया और UPI ट्रांजेक्शन चेक करते हैं, जहां अनियमित पैटर्न स्कोर कम करते हैं।
क्रेडिट स्कोर गिरने के प्रमुख फैक्टर्स
बचाव के तरीके
OTP कभी शेयर न करें, क्योंकि यह 2FA का हिस्सा है और RBI नियमों के तहत अनिवार्य।
कार्ड रिश्तेदारों को न दें; वर्चुअल कार्ड यूज करें जो सिंगल यूज के लिए होते हैं।
CIBIL रिपोर्ट मंथली चेक करें, जहां फ्री एक्सेस साल में चार बार मिलता है।
फ्रॉड अलर्ट सेट करें, जो ट्रांजेक्शन पर नोटिफिकेशन देता है।
यदि फ्रॉड हो, तो बैंक को 24 घंटे में रिपोर्ट करें ताकि लायबिलिटी शिफ्ट हो सके।
| फैक्टर | प्रभाव | उदाहरण |
|---|---|---|
| हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन | 30-50 पॉइंट्स ड्रॉप | कार्ड लिमिट ₹5 लाख, खर्च ₹3 लाख हो जाए |
| मिस्ड पेमेंट | 50-100 पॉइंट्स ड्रॉप | बिल ड्यू डेट मिस होने पर |
| हार्ड इंक्वायरी | 5-10 पॉइंट्स ड्रॉप | अनधिकृत लिमिट बढ़ाने की रिक्वेस्ट |
| फ्रॉडुलेंट अकाउंट्स | 80+ पॉइंट्स ड्रॉप | नया क्रेडिट लाइन खुलने पर |
Disclaimer: यह रिपोर्ट सामान्य जानकारी के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं मानी जानी चाहिए। पाठक अपनी स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ से परामर्श लें।