फेकें नहीं! अपने पुराने फोन को बनाएं स्मार्ट CCTV कैमरा; बिना पैसे खर्च किए अपने घर रहेगा सेफ.

“पुराने स्मार्टफोन को फ्री ऐप्स जैसे Alfred और AirDroid से CCTV में बदलें; 2025 में भारत में 227,120 प्रॉपर्टी क्राइम्स के अनुमान के बीच मोशन डिटेक्शन और रियल-टाइम अलर्ट से घर सुरक्षित रखें; स्टेप-बाय-स्टेप गाइड और ऐप फीचर्स से बिना खर्च घर की निगरानी करें।”

2025 में भारत में प्रॉपर्टी क्राइम्स के अनुमानित 227,120 मामले सामने आने की संभावना है, जिसमें बर्गलरी 25% हिस्सा रखती है। ऐसे में पुराने स्मार्टफोन को स्मार्ट CCTV में बदलना एक किफायती विकल्प साबित हो सकता है। फ्री ऐप्स का इस्तेमाल करके मोशन डिटेक्शन, लाइव फीड और अलर्ट फीचर्स प्राप्त करें।

जरूरी ऐप्स और उनके फीचर्स

ये ऐप्स Android और iOS दोनों पर काम करते हैं, बिना सब्सक्रिप्शन के बेसिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

सेटअप करने का स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

पुराने फोन पर ऐप डाउनलोड करें और इसे ‘कैमरा’ मोड में सेट करें।

नए फोन पर उसी ऐप को ‘व्यूअर’ मोड में इंस्टॉल करें।

दोनों डिवाइस पर एक ही अकाउंट से लॉगिन करें।

पुराने फोन को घर में स्ट्रैटेजिक लोकेशन पर रखें, जैसे दरवाजे या खिड़की के पास।

वाई-फाई कनेक्ट करें और मोशन सेंसिटिविटी एडजस्ट करें ताकि फाल्स अलर्ट कम हों।

बैटरी सेविंग के लिए फोन को चार्जर से कनेक्ट रखें या पावर बैंक यूज करें।

सुरक्षा बढ़ाने के टिप्स

नाइट विजन के लिए फोन की LED फ्लैश को ऐक्टिवेट करें।

ऐप नाममुख्य फीचर्सलिमिटेशन्स
Alfredमोशन डिटेक्शन अलर्ट, टू-वे ऑडियो, फ्री क्लाउड स्टोरेज, फ्रंट और रियर कैमरा सपोर्टवीडियो रिकॉर्डिंग के लिए प्रीमियम अपग्रेड जरूरी
AirDroid Personalरिमोट व्यूइंग, स्क्रीन रिकॉर्डिंग, इंट्यूटिव इंटरफेसएडवांस्ड AI फीचर्स प्रीमियम में
Presenceमल्टी-डिवाइस सपोर्ट, ऑटोमेटिक रिकॉर्डिंग, वेब एक्सेसबैटरी ऑप्टिमाइजेशन सीमित
Wyzeलाइव स्ट्रीमिंग, मोशन सेंसर, नाइट विजन सपोर्टकुछ फीचर्स के लिए वाई-फाई जरूरी

मल्टीपल पुराने फोन यूज करके पूरे घर को कवर करें, जैसे एक लिविंग रूम और एक एंट्री पॉइंट पर।

ऐप के नोटिफिकेशन को इनेबल करें ताकि मोशन डिटेक्ट होने पर इंस्टेंट अलर्ट मिले।

प्राइवेसी के लिए ऐप के पासवर्ड प्रोटेक्शन फीचर का इस्तेमाल करें।

अगर फोन ओवरहीट हो तो कूलिंग पैड यूज करें, खासकर गर्मियों में।

संभावित चुनौतियां और समाधान

इंटरनेट कनेक्टिविटी: कमजोर सिग्नल में लो-क्वालिटी मोड चुनें।

स्टोरेज: फ्री क्लाउड ऑप्शन यूज करें या लोकल SD कार्ड इंसर्ट करें।

कम्पेटिबिलिटी: 2015 या उसके बाद के फोन बेस्ट काम करते हैं, पुराने मॉडल में कैमरा क्वालिटी चेक करें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य टिप्स और रिपोर्ट्स पर आधारित है।

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