Google के दो नए अपडेट: फोन चोरी पर काम आएगा नया थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर, Gmail में AI करेगा काम आसान

गूगल ने एंड्रॉयड डिवाइसेज के लिए थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर्स को अपडेट किया है, जिसमें फेल्ड ऑथेंटिकेशन लॉक में नया टॉगल और लॉकआउट टाइम बढ़ाना शामिल है, साथ ही आइडेंटिटी चेक का विस्तार बैंकिंग ऐप्स तक। जीमेल में जेमिनी एआई अब थ्रेड्स को समराइज करेगा, क्वेश्चन्स का जवाब देगा और राइटिंग टूल्स को सभी यूजर्स के लिए फ्री करेगा, जबकि नया एआई इनबॉक्स टास्क्स को पर्सनलाइज्ड तरीके से ऑर्गनाइज करेगा।

गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स की सिक्योरिटी को मजबूत बनाने के लिए थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर्स में महत्वपूर्ण अपडेट्स जारी किए हैं। ये अपडेट्स एंड्रॉयड 16 और उससे ऊपर के डिवाइसेज पर उपलब्ध हैं, जो चोरी के दौरान और उसके बाद डेटा प्रोटेक्शन को बढ़ाते हैं। फेल्ड ऑथेंटिकेशन लॉक फीचर अब यूजर्स को सेटिंग्स में एक डेडिकेटेड एनेबल/डिसेबल टॉगल देता है, जिससे वे अपनी सिक्योरिटी प्रेफरेंसेज को कस्टमाइज कर सकते हैं। पहले एंड्रॉयड 15 में लॉन्च हुआ यह फीचर अब ज्यादा फ्लेक्सिबल है, जहां बार-बार गलत पासवर्ड, पैटर्न या पिन ट्राई करने पर लॉकआउट टाइम बढ़ जाता है, जिससे थीव्स को डिवाइस अनलॉक करना मुश्किल हो जाता है।

आइडेंटिटी चेक फीचर का विस्तार भी किया गया है, जो अब सभी ऐप्स और फीचर्स पर लागू होता है जो एंड्रॉयड बायोमेट्रिक प्रॉम्प्ट इस्तेमाल करते हैं। इसमें थर्ड-पार्टी बैंकिंग ऐप्स और गूगल पासवर्ड मैनेजर शामिल हैं, जहां ट्रस्टेड लोकेशन्स के बाहर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (जैसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) जरूरी होता है। पिन या पैटर्न से ओवरराइड नहीं किया जा सकता, जिससे फाइनेंशियल डेटा और पर्सनल इंफॉर्मेशन की सेफ्टी बढ़ती है। भारत जैसे देश में, जहां मोबाइल थेफ्ट की दर ऊंची है—लगभग 10 मिलियन फोन्स毎年 चोरी होते हैं—यह फीचर यूजर्स को फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाने में कारगर साबित होगा।

एन्हैंस्ड रिकवरी टूल्स के तहत, गूगल ने डिवाइस रिकवर करने के प्रोसेस को आसान बनाया है, जहां चोरी के बाद रिमोट लॉक और डेटा वाइप ऑप्शन्स को मजबूत किया गया है। अगर डिवाइस ऑफलाइन है, तो भी ऑटोमैटिक लॉक एक्टिवेट हो जाता है, और रिकवरी के दौरान मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन सुनिश्चित करता है। ये अपडेट्स थेफ्ट से पहले प्रिवेंशन, दौरान रेसिस्टेंस और बाद में रिकवरी पर फोकस करते हैं, जिससे एंड्रॉयड डिवाइसेज को क्रिमिनल्स के लिए हार्ड टारगेट बनाते हैं।

जीमेल में एआई इंटीग्रेशन को जेमिनी एरा का नाम दिया गया है, जहां नए फीचर्स यूजर्स के ईमेल मैनेजमेंट को सरल बनाते हैं। एआई ओवरव्यूज अब लंबे ईमेल थ्रेड्स को समराइज करता है और नैचुरल लैंग्वेज क्वेश्चन्स का जवाब देता है, जैसे “पिछले महीने की जॉब रिक्रूटर का नाम क्या है?” या “मेरा ट्रैवल प्लान क्या है?”। यह फीचर इनबॉक्स को स्कैन करके रेलेवेंट इंफॉर्मेशन निकालता है, जिससे यूजर्स को हर ईमेल ओपन करने की जरूरत नहीं पड़ती।

हेल्प मी राइट, सजेस्टेड रिप्लाइज और प्रूफरीड जैसे राइटिंग टूल्स अब सभी जीमेल यूजर्स के लिए फ्री हैं, जो पहले केवल पेड सब्सक्रिप्शन्स पर उपलब्ध थे। हेल्प मी राइट ईमेल कंपोज करने में मदद करता है, जहां यूजर एक प्रॉम्प्ट देता है और एआई पूरा ड्राफ्ट जेनरेट करता है। सजेस्टेड रिप्लाइज क्विक रेस्पॉन्स ऑफर करता है, जबकि प्रूफरीड ग्रामर, स्पेलिंग और स्टाइल को चेक करके सुधार सुझाता है—यह फीचर गूगल एआई प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है। भारत में, जहां 1.8 बिलियन जीमेल अकाउंट्स में से बड़ी संख्या प्रोफेशनल यूज के लिए है, ये टूल्स प्रोडक्टिविटी बढ़ाएंगे, खासकर बिजनेस कम्युनिकेशन में।

नया एआई इनबॉक्स फीचर, जो ट्रस्टेड टेस्टर्स के लिए रोलआउट हो रहा है और जल्द ब्रॉडली उपलब्ध होगा, इनबॉक्स को पर्सनलाइज्ड तरीके से ऑर्गनाइज करता है। यह ईमेल्स से टास्क्स और अपडेट्स को हाइलाइट करता है, जैसे टू-डू लिस्ट क्रिएट करना या इंपॉर्टेंट अपडेट्स को प्रायोरिटाइज करना। ट्रेडिशनल क्रोनोलॉजिकल व्यू के बजाय, यह दो सेक्शन्स में डिवाइड करता है: टॉप प्रायोरिटी और रेस्ट ऑफ इनबॉक्स, जहां एआई रेलेवेंस के आधार पर कंटेंट शो करता है। हालांकि, यह फीचर यूएस में इंग्लिश से शुरू हो रहा है, लेकिन मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट जल्द आएगा, जो हिंदी और रीजनल लैंग्वेज यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा।

ये अपडेट्स गूगल के ब्रॉडर स्ट्रैटेजी का हिस्सा हैं, जहां एआई को हर प्रोडक्ट में इंटीग्रेट किया जा रहा है। थेफ्ट प्रोटेक्शन से यूजर्स की प्राइवेसी सेफ रहती है, जबकि जीमेल एआई से डेली टास्क्स स्पीड अप होते हैं। भारत में, जहां स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या 900 मिलियन से ज्यादा है, ये फीचर्स डिजिटल सेफ्टी और एफिशिएंसी को बूस्ट करेंगे।

थेफ्ट प्रोटेक्शन फीचर्स की मुख्य अपडेट्स

जीमेल एआई फीचर्स की मुख्य हाइलाइट्स

फीचरविवरणलाभ
फेल्ड ऑथेंटिकेशन लॉकनया एनेबल/डिसेबल टॉगल; लॉकआउट टाइम बढ़ायाथीव्स को गेसिंग से रोकता है, यूजर कंट्रोल बढ़ाता है
आइडेंटिटी चेक एक्सपैंशनसभी बायोमेट्रिक प्रॉम्प्ट ऐप्स पर लागू, जैसे बैंकिंग और पासवर्ड मैनेजरट्रस्टेड लोकेशन्स के बाहर बायोमेट्रिक जरूरी, फ्रॉड रिस्क कम
एन्हैंस्ड रिकवरी टूल्सरिमोट लॉक और वाइप को मजबूत; ऑफलाइन लॉकचोरी के बाद डेटा सेफ, रिकवर आसान

एआई ओवरव्यूज : थ्रेड्स समराइज और क्वेश्चन्स का जवाब; इनबॉक्स सर्च को स्मार्ट बनाता है।

हेल्प मी राइट : प्रॉम्प्ट से ईमेल ड्राफ्ट जेनरेट; प्रोफेशनल राइटिंग स्पीड अप।

सजेस्टेड रिप्लाइज : क्विक, कंटेक्स्ट-बेस्ड रेस्पॉन्स; टाइम सेविंग।

प्रूफरीड : ग्रामर और स्टाइल चेक; पेड यूजर्स के लिए।

एआई इनबॉक्स : पर्सनलाइज्ड टास्क ओवरव्यू; प्रायोरिटी कंटेंट हाइलाइट।

ये फीचर्स एंड्रॉयड और जीमेल ऐप्स में ऑटोमैटिकली रोलआउट हो रहे हैं, जहां यूजर्स सेटिंग्स से उन्हें एक्टिवेट कर सकते हैं। भारत में बढ़ते साइबर थ्रेट्स और ईमेल वॉल्यूम को देखते हुए, ये अपडेट्स यूजर्स को एम्पावर करते हैं। थेफ्ट प्रोटेक्शन से फाइनेंशियल लॉस कम होता है, जबकि जीमेल एआई से डेली वर्कफ्लो ऑप्टिमाइज। गूगल के अनुसार, ये अपडेट्स यूजर फीडबैक पर बेस्ड हैं, जो सिक्योरिटी और कन्वीनिएंस को बैलेंस करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट समाचार, रिपोर्ट्स और टिप्स पर आधारित है, जो विभिन्न सोर्सेज से संकलित है।

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