“राशन कार्ड ई-केवाईसी अब सभी लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है, जो आधार से लिंक कर सरकारी सब्सिडी सुनिश्चित करता है। ऑनलाइन प्रक्रिया राज्य PDS पोर्टल या ऐप्स जैसे Mera eKYC से मिनटों में पूरी होती है, जबकि ऑफलाइन फेयर प्राइस शॉप पर बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन से होती है। आवश्यक दस्तावेज आधार और राशन कार्ड हैं, और इससे घोस्ट कार्ड्स कम होकर सिस्टम पारदर्शी बनता है।”
राशन कार्ड ई-केवाईसी प्रक्रिया सरकार की ओर से पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) को मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लाभार्थियों की पहचान को आधार से जोड़कर सुनिश्चित करता है कि सब्सिडाइज्ड अनाज और अन्य वस्तुएं सही हाथों में पहुंचें। इस प्रक्रिया से डुप्लीकेट या फर्जी कार्ड्स को हटाया जा रहा है, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ रही है। हालिया अपडेट्स में, कई राज्यों ने डिजिटल वेरीफिकेशन को प्राथमिकता दी है, जहां फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीक से घर बैठे काम हो जाता है।
ऑनलाइन ई-केवाईसी प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप गाइड
ऑनलाइन मोड सबसे सुविधाजनक है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां इंटरनेट एक्सेस आसान है। यह प्रक्रिया राज्य के आधिकारिक PDS पोर्टल या मोबाइल ऐप्स के जरिए पूरी की जाती है। आधार-बेस्ड OTP या फेस रिकग्निशन से वेरीफिकेशन होता है, जो 5-10 मिनट में खत्म हो जाता है।
पोर्टल पर विजिट करें: अपने राज्य के PDS वेबसाइट पर जाएं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में UP PDS पोर्टल, महाराष्ट्र में MahaPDS, या दिल्ली में DFS दिल्ली पोर्टल इस्तेमाल करें। अगर आपके राज्य में ऐप उपलब्ध है, जैसे Mera eKYC या AePDS ऐप, तो उसे डाउनलोड करें।
लॉगिन या रजिस्टर: राशन कार्ड नंबर या आधार डिटेल्स से लॉगिन करें। अगर नया यूजर हैं, तो रजिस्ट्रेशन ऑप्शन चुनें और मोबाइल नंबर वेरिफाई करें।
ई-केवाईसी ऑप्शन चुनें: मेन्यू में ‘e-KYC’ या ‘Aadhaar Verification’ सेक्शन पर क्लिक करें। यहां परिवार के सभी सदस्यों की डिटेल्स दिखेंगी।
वेरीफिकेशन मोड चुनें: OTP-बेस्ड (मोबाइल पर कोड आएगा) या फेस ऑथेंटिकेशन (कैमरा से चेहरा स्कैन) चुनें। बायोमेट्रिक ऑप्शन भी उपलब्ध है अगर डिवाइस सपोर्ट करता है।
कन्फर्मेशन: वेरीफिकेशन सफल होने पर कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा, और स्टेटस अपडेट हो जाएगा। आप PDS पोर्टल पर ही स्टेटस चेक कर सकते हैं।
इस मोड से ग्रामीण क्षेत्रों में भी फायदा हो रहा है, जहां अब CSC सेंटर्स या मोबाइल ऐप्स से काम हो जाता है। अगर इंटरनेट इश्यू है, तो SMS-बेस्ड वेरीफिकेशन भी कुछ राज्यों में उपलब्ध है, जहां *99# डायल कर आधार लिंक किया जा सकता है।
ऑफलाइन ई-केवाईसी प्रक्रिया: सरकारी केंद्रों पर आसान वेरीफिकेशन
ऑफलाइन मोड उन लाभार्थियों के लिए आदर्श है जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं है। यह फेयर प्राइस शॉप (FPS) या कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) पर होता है, जहां बायोमेट्रिक डिवाइस से वेरीफिकेशन किया जाता है।
केंद्र पर विजिट: निकटतम FPS या CSC केंद्र जाएं। राशन कार्ड और आधार कार्ड साथ ले जाएं।
डिटेल्स सबमिट: शॉप ऑपरेटर को राशन कार्ड नंबर दें। वे PDS सिस्टम में लॉगिन कर आपकी डिटेल्स चेक करेंगे।
बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन: फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन से आधार ऑथेंटिकेशन करें। अगर फेस रिकग्निशन डिवाइस है, तो उसका इस्तेमाल भी संभव है।
कन्फर्मेशन: प्रक्रिया पूरी होने पर रसीद मिलेगी, और सिस्टम में अपडेट हो जाएगा। अगले विजिट पर सब्सिडी जारी रहेगी।
फॉलो-अप: अगर कोई इश्यू है, तो राज्य के फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से संपर्क करें।
ऑफलाइन मोड में अब कई FPS पर पोर्टेबल डिवाइस लगे हैं, जो वेरीफिकेशन को तेज बनाते हैं। कुछ राज्यों जैसे गोवा और ओडिशा में, AePDS ऐप से ऑफलाइन मोड को भी सपोर्ट किया जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेज और योग्यता
ई-केवाईसी के लिए न्यूनतम दस्तावेज जरूरी हैं, जो प्रक्रिया को सरल बनाते हैं:
राशन कार्ड: मूल या कॉपी, जिसमें परिवार के सदस्यों की डिटेल्स हों।
आधार कार्ड: सभी सदस्यों का, मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य।
मोबाइल नंबर: OTP के लिए रजिस्टर्ड।
अन्य: अगर पता बदलाव है, तो एड्रेस प्रूफ जैसे बिजली बिल।
सभी राशन कार्ड धारक, चाहे APL, BPL या AAY कैटेगरी के हों, ई-केवाईसी करवाने के योग्य हैं। अगर परिवार में नया सदस्य जुड़ा है, तो पहले PDS पोर्टल पर अपडेट करें।
ई-केवाईसी के फायदे और प्रभाव
यह प्रक्रिया न सिर्फ आसान है बल्कि सिस्टम को मजबूत बनाती है:
पारदर्शिता: घोस्ट कार्ड्स हटने से सब्सिडी लीकेज कम हो रही है, जिससे सरकार को सालाना करोड़ों की बचत हो रही है।
वन नेशन वन राशन कार्ड: ई-केवाईसी से लाभार्थी किसी भी राज्य में सब्सिडी ले सकते हैं।
डिजिटल सुविधा: अब फेस ऑथेंटिकेशन से बुजुर्ग या दिव्यांग आसानी से वेरीफाई कर सकते हैं।
सुरक्षा: आधार लिंक से डेटा सिक्योर रहता है, और फ्रॉड रुकता है।
हालिया ट्रेंड्स में, 2026 में कई राज्य जैसे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र ने 90% से ज्यादा ई-केवाईसी कवरेज हासिल किया है, जो PDS को अधिक कुशल बना रहा है।
सामान्य समस्याएं और उनके समाधान
ई-केवाईसी के दौरान कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन इन्हें आसानी से सॉल्व किया जा सकता है:
OTP नहीं आना: मोबाइल नंबर आधार से लिंक चेक करें। UIDAI पोर्टल पर अपडेट करें।
बायोमेट्रिक फेल: अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं करता, तो फेस ऑथेंटिकेशन ट्राई करें या CSC पर जाएं।
पोर्टल एरर: व्यस्त समय में ट्राई करें या राज्य हेल्पलाइन कॉल करें।
डुप्लीकेट एंट्री: PDS ऑफिस में जाकर रेक्टिफाई करें।
ग्रामीण एरिया इश्यू: मोबाइल वैन या CSC कैंप्स का इस्तेमाल करें, जो अब गांवों में उपलब्ध हैं।
इन समस्याओं से बचने के लिए पहले PDS पोर्टल पर स्टेटस चेक करें।
विभिन्न राज्यों के PDS पोर्टल और हेल्पलाइन: एक नजर में
यह टेबल मुख्य राज्यों को कवर करती है; अन्य राज्यों के लिए nfsa.gov.in चेक करें।
अतिरिक्त टिप्स: प्रक्रिया को और आसान बनाएं
स्टेटस चेक: PDS पोर्टल पर राशन कार्ड नंबर डालकर ई-केवाईसी स्टेटस देखें।
| राज्य | PDS पोर्टल/ऐप | हेल्पलाइन नंबर | विशेष फीचर |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | fcs.up.gov.in | 1800-180-0150 | OTP और फेस ऑथेंटिकेशन |
| महाराष्ट्र | mahafood.gov.in | 1800-22-4950 | AePDS ऐप से ऑफलाइन सपोर्ट |
| दिल्ली | dfs.delhi.gov.in | 1967 | SMS-बेस्ड वेरीफिकेशन |
| गोवा | goacivilsupplies.gov.in | 1800-233-0022 | Mera eKYC ऐप |
| ओडिशा | pdsodisha.gov.in | 1800-345-6736 | पोर्टेबल डिवाइस FPS पर |
| राजस्थान | food.raj.nic.in | 1800-180-6030 | ऑनलाइन ट्रैकिंग |
| कर्नाटक | ahara.kar.nic.in | 1800-425-9339 | बायोमेट्रिक प्राथमिक |
फैमिली अपडेट: अगर सदस्यों में बदलाव है, तो पहले ‘Member Addition/Deletion’ ऑप्शन यूज करें।
सुरक्षा सावधानियां: फर्जी वेबसाइट्स से बचें; केवल आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल करें।
हेल्पलाइन यूज: राज्य-विशिष्ट टोल-फ्री नंबर्स से गाइडेंस लें।
डिजिटल लिटरेसी: अगर नया हैं, तो CSC पर ट्रेनिंग लें, जहां फ्री असिस्टेंस मिलती है।
ई-केवाईसी से PDS सिस्टम अब अधिक इफिशिएंट हो रहा है, जहां लाभार्थी अपनी सुविधा से वेरीफाई कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न सिर्फ समय बचाती है बल्कि सब्सिडी डिलीवरी को रियल-टाइम बनाती है।
Disclaimer: यह लेख सूचना, रिपोर्ट और टिप्स प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्रोतों की सटीकता की कोई गारंटी नहीं है; आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।



