महाशिवरात्रि 2026 पर गुजरात के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में करीब 5 लाख श्रद्धालु उमड़ने वाले हैं। प्रशासन ने सुरक्षा जांच द्वारों को 6 से बढ़ाकर 10 किया है, वन-वे एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। 14-15 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कैलाश खेर जैसे कलाकार प्रस्तुति देंगे, जबकि मंदिर 36 घंटे खुले रहेंगे। चिकित्सा टीमें, पार्किंग और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है।
महाशिवरात्रि पर सोमनाथ में उमड़ेगी आस्था की लहर
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भक्तों की अभूतपूर्व भीड़ का साक्षी बनेगा। मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मुख्य पर्व दिवस 15 फरवरी 2026 को लगभग 5 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है। सामान्य दिनों में जहां औसतन 20,000 भक्त आते हैं, वहीं हाल के महीनों में यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन 75,000 तक पहुंच चुकी है। पिछले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बाद श्रद्धालुओं में और वृद्धि देखी गई है।
मंदिर प्रशासन ने भारी भीड़ को सुचारु रूप से संभालने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा जांच के द्वारों की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है ताकि प्रवेश प्रक्रिया तेज हो सके। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए वन-वे एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे कतारों में अव्यवस्था न हो। मंदिर परिसर में 24 घंटे मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए एंबुलेंस और डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन
गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर सहित देशभर के कलाकार भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर में शिव तांडव का होलोग्राफिक अनुभव, फूलों से सज्जा, लेजर लाइट्स और विशेष श्रृंगार के साथ चार प्रहर की पूजा होगी। महाआरती और रात्रि जागरण के दौरान भक्त ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप करते हुए पूरे रात भगवान शिव की आराधना करेंगे।
मंदिर के कपाट महाशिवरात्रि पर 36 घंटे तक खुले रहेंगे, जिससे भक्त निरंतर दर्शन कर सकें। बिल्व पत्र पूजा, जलाभिषेक और विशेष प्रसाद वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएंगे। पार्किंग क्षेत्र को विस्तारित किया गया है और भंडारे के आयोजन के लिए जगह सुनिश्चित की गई है। पीने के पानी, छायादार विश्राम स्थल और शौचालयों की संख्या बढ़ाई गई है।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के प्रमुख उपाय
सुरक्षा जांच द्वार: 10 (पहले 6 थे)
प्रवेश-निकास: वन-वे सिस्टम
मेडिकल सुविधा: 24×7 टीमें और एंबुलेंस
सांस्कृतिक कार्यक्रम: कैलाश खेर सहित कलाकार
दर्शन अवधि: 36 घंटे (निरंतर)
प्रसाद और भंडारा: अतिरिक्त काउंटर
यह महाशिवरात्रि विध्वंस के 1000 वर्ष पूरे होने के बाद और भी खास है, क्योंकि सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण की प्रतीकात्मकता के साथ आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्रशासन का फोकस सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने पर है ताकि हर भक्त बिना किसी असुविधा के भगवान सोमनाथ के दर्शन कर सके।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध जानकारी और वर्तमान तैयारियों पर आधारित है। यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट जांच लें।



