गरुड़ पुराण के अनुसार रसोई घर सिर्फ खाना पकाने की जगह नहीं, बल्कि धन-समृद्धि का मुख्य केंद्र है। यहां की साफ-सफाई, भोग लगाने की विधि, जूठा भोजन न रखना और रोजाना पूजा से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती। गंदगी, जूठा रखना या भोग न चढ़ाना गरीबी को न्योता देता है।
गरुड़ पुराण के अनुसार रसोई से जुड़े नियम जो तय करते हैं आपकी आर्थिक स्थिति
गरुड़ पुराण में भगवान विष्णु और गरुड़ के संवाद में रसोई को घर की आर्थिक खुशहाली का आधार बताया गया है। यह स्थान मां लक्ष्मी का निवास माना जाता है, इसलिए यहां की हर छोटी आदत धन के आगमन या रुकावट को प्रभावित करती है।
रसोई में साफ-सफाई सबसे महत्वपूर्ण है। गरुड़ पुराण के उपदेशों से स्पष्ट है कि जहां गंदगी रहती है, वहां मां लक्ष्मी वास नहीं करतीं। रोज सुबह रसोई को साफ करके झाड़ू लगाना, चूल्हे-बर्तनों को चमकाना और फर्श पोछना जरूरी है। गंदे बर्तन या बासी खाना रखने से सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है, जिससे आर्थिक तंगी बढ़ती है।
खाना बनाने से पहले रसोई की पूजा अनिवार्य है। गरुड़ पुराण में वर्णित है कि चूल्हे के सामने दीपक जलाकर या जल छिड़ककर पूजा करने से घर में सकारात्मक शक्ति आती है। पूजा के बाद तैयार भोजन का पहला भाग रसोई को ही भोग लगाना चाहिए। यह भोग लगाने की क्रिया मां लक्ष्मी को प्रसन्न करती है और घर में अन्न-धन की निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करती है।
जूठा भोजन रसोई में नहीं रहना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार जिस घर में बिना जूठा किए भगवान को भोग लगाया जाता है, वहां धन की कमी कभी नहीं होती। बचे हुए या जूठे अन्न को तुरंत बाहर निकालना या किसी जरूरतमंद को देना चाहिए। जूठा रखने से लक्ष्मी रुष्ट होती हैं और आर्थिक संकट आता है।
अधिक भोजन ग्रहण न करना भी गरुड़ पुराण का महत्वपूर्ण नियम है। ज्यादा खाने से शरीर भारी होता है और लक्ष्मी प्रसन्न नहीं रहतीं। संयमित भोजन से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और धन स्थिर रहता है। पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति संयम से भोजन करता है, उस पर देवी की कृपा बनी रहती है।
रसोई में स्वच्छ कपड़े पहनकर काम करना चाहिए। फटे-पुराने या गंदे वस्त्रों में खाना बनाना वर्जित है। गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि स्वच्छता और शुद्धता से लक्ष्मी स्थिर रहती हैं। सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण कर रसोई में प्रवेश करना धन आकर्षित करता है।
रसोई में तुलसी का पौधा रखना शुभ माना जाता है। गरुड़ पुराण के सिद्धांतों से जुड़कर तुलसी की सेवा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। तुलसी को पानी देना और उसकी पूजा करना रोज का नियम बनाएं।
रसोई की दिशा और व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रसोई होना शुभ है। चूल्हा ईशान कोण की ओर रखना चाहिए। बर्तनों को व्यवस्थित रखना और अनावश्यक सामान न जमा करना गरुड़ पुराण की शिक्षाओं के अनुरूप है।
इन नियमों का पालन करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। आर्थिक समस्याएं जैसे कर्ज, बेरोजगारी या धन की रुकावट दूर हो जाती हैं। गरुड़ पुराण सिखाता है कि छोटी-छोटी आदतें बड़े बदलाव लाती हैं। रसोई को पवित्र और व्यवस्थित रखकर आप अपनी किस्मत खुद बदल सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण पर आधारित सामान्य जानकारी और प्रचलित मान्यताओं पर तैयार किया गया है। इसे आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार अपनाएं।



