“6000 रुपये की मासिक SIP से 10 साल में कुल निवेश 7.2 लाख रुपये होगा। औसत 12% वार्षिक रिटर्न पर यह लगभग 13.5 लाख रुपये, 15% पर 16.5 लाख से अधिक और 18% पर 20 लाख रुपये के करीब पहुंच सकता है। इक्विटी फंड्स में लॉन्ग-टर्म में कंपाउंडिंग का कमाल देखने को मिलता है, लेकिन रिटर्न मार्केट पर निर्भर रहते हैं।”
6000 रुपये की एसआईपी से 10 साल बाद कितना बनेगा फंड, देखें कैलकुलेशन
भारतीय निवेशकों के बीच SIP अब सबसे लोकप्रिय निवेश तरीका बन चुका है, खासकर म्यूचुअल फंड्स में। छोटी रकम से शुरू करके लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने की क्षमता एसआईपी को खास बनाती है। अगर आप हर महीने 6000 रुपये की एसआईपी करते हैं तो 10 साल बाद क्या स्थिति होगी? आइए विभिन्न संभावित रिटर्न रेट्स के आधार पर विस्तार से कैलकुलेशन समझते हैं।
कुल निवेश राशि: 6000 रुपये × 120 महीने = 7,20,000 रुपये
एसआईपी में रिटर्न कंपाउंडिंग के जरिए आता है, इसलिए अंतिम राशि निवेश राशि से काफी अधिक होती है। यहां विभिन्न रिटर्न दरों पर अनुमानित परिपक्वता राशि (मैच्योरिटी वैल्यू) दी गई है:
12% वार्षिक रिटर्न (लार्ज कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स के लिए सामान्य लॉन्ग-टर्म औसत): कुल फंड वैल्यू ≈ 13.50 लाख रुपये लाभ ≈ 6.30 लाख रुपये
15% वार्षिक रिटर्न (मिड कैप और कुछ बैलेंस्ड फंड्स के ऐतिहासिक औसत): कुल फंड वैल्यू ≈ 16.80 लाख रुपये लाभ ≈ 9.60 लाख रुपये
18% वार्षिक रिटर्न (स्मॉल कैप और कुछ हाई-परफॉर्मिंग इक्विटी फंड्स में संभव, पिछले कुछ वर्षों में देखा गया): कुल फंड वैल्यू ≈ 20.50 लाख रुपये लाभ ≈ 13.30 लाख रुपये
ये अनुमान फ्यूचर वैल्यू ऑफ SIP फॉर्मूला पर आधारित हैं, जहां हर महीने की किस्त पिछले निवेश पर कंपाउंड होती है।
विभिन्न कैटेगरी फंड्स में संभावित रिटर्न ट्रेंड (2025-2026 के आधार पर)
कैसे चुनें सही एसआईपी रेट और फंड?
अगर आपका रिस्क प्रोफाइल कंजर्वेटिव है तो 12-14% रिटर्न मानकर प्लान करें।
मॉडरेट रिस्क वाले निवेशक 15% तक उम्मीद रख सकते हैं।
| फंड कैटेगरी | हाल के 5-10 साल औसत CAGR (लगभग) | 10 साल SIP के लिए उपयुक्त? | अपेक्षित रिस्क स्तर |
|---|---|---|---|
| लार्ज कैप | 12-14% | हां, स्थिर निवेशकों के लिए | मध्यम |
| फ्लेक्सी कैप | 13-16% | हां, संतुलित पोर्टफोलियो | मध्यम-उच्च |
| मिड कैप | 15-20% | हां, ग्रोथ के लिए | उच्च |
| स्मॉल कैप | 18-25%+ | हां, लेकिन लंबी अवधि जरूरी | बहुत उच्च |
| PSU/थीमेटिक | 20-30% (हाल के वर्षों में) | सावधानी से, सेक्टर रिस्क | बहुत उच्च |
आक्रामक निवेशक स्मॉल/मिड कैप में 18%+ की संभावना तलाश सकते हैं, लेकिन मार्केट क्रैश में नुकसान भी बड़ा हो सकता है।
एसआईपी के फायदे 10 साल की अवधि में
रुपी कॉस्ट एवरेजिंग: बाजार गिरने पर ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं, ऊपर जाने पर कम।
कंपाउंडिंग का जादू: आखिरी 3-4 सालों में ग्रोथ तेज होती है।
अनुशासन: हर महीने ऑटो-डेबिट से निवेश जारी रहता है।
ध्यान देने योग्य बातें
एसआईपी रिटर्न गारंटीड नहीं होते। पिछले परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं। मार्केट की स्थिति, इकोनॉमिक फैक्टर्स, इंटरेस्ट रेट्स और ग्लोबल इवेंट्स प्रभाव डालते हैं। टैक्सेशन पर भी ध्यान दें: इक्विटी फंड्स में 1 साल से अधिक होल्डिंग पर LTCG 12.5% (1.25 लाख से ऊपर) लागू होता है।
स्टेप-अप एसआईपी अपनाएं: हर साल 10-15% बढ़ाएं तो 10 साल बाद फंड और बड़ा बनेगा। उदाहरण: पहले साल 6000, दूसरे 6600 और इसी तरह।
नियमित रिव्यू करें: साल में एक बार फंड परफॉर्मेंस चेक करें और जरूरत पड़ने पर स्विच करें।
6000 रुपये की एसआईपी से शुरू करके आप 10 साल में मजबूत वेल्थ क्रिएशन की नींव रख सकते हैं। जल्दी शुरू करें, क्योंकि समय ही सबसे बड़ा कंपाउंडर है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। निवेश से जुड़े सभी फैसले व्यक्तिगत जोखिम सहनशीलता और वित्तीय सलाहकार की राय के आधार पर लें। बाजार जोखिम के अधीन हैं।



