अदाणी पोर्ट्स और फ्रांस के मार्सिले फॉस पोर्ट ने की बड़ी साझेदारी, IMEC के जरिए भारत-यूरोप व्यापार में आएगी क्रांति

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के प्रमुख पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को मजबूत करेगी, व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजिशन पर फोकस करेगी। मार्सिले फॉस IMEC का पश्चिमी यूरोपीय गेटवे बनेगा, जिसमें करीब 70 मिलियन टन अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी। मुंद्रा-मार्सिले के बीच ग्रीन मैरीटाइम रूट, डिजिटलाइजेशन और IMEC पोर्ट्स क्लब की स्थापना से भारत-यूरोप ट्रेड कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह समझौता फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हुआ, जो भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

अदाणी पोर्ट्स और मार्सिले फॉस पोर्ट की साझेदारी से भारत-यूरोप व्यापार को मिलेगा नया आयाम

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के सबसे बड़े और भूमध्य सागर के प्रमुख गेटवे पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस के साथ एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत और यूरोप के बीच व्यापार कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) पर केंद्रित है।

MoU के तहत दोनों पक्ष व्यापार सुगमता (trade facilitation), पोर्ट इनोवेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम उत्सर्जन वाली तकनीकों पर सहयोग करेंगे। विशेष रूप से मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) और मार्सिले फॉस के बीच ग्रीन मैरीटाइम कॉरिडोर विकसित करने की योजना है, जो पर्यावरण-अनुकूल शिपिंग को बढ़ावा देगा।

मार्सिले फॉस पोर्ट IMEC के पश्चिमी यूरोपीय गेटवे के रूप में काम करेगा। यह कॉरिडोर में लगभग 70 मिलियन टन अतिरिक्त हैंडलिंग क्षमता जोड़ेगा, जिससे IMEC की पहुंच यूरोप के आंतरिक इलाकों तक गहराई से बढ़ेगी। इससे भारत से यूरोप जाने वाले माल की डिलीवरी समय और लागत में कमी आएगी। IMEC एक वैकल्पिक एशिया-यूरोप ट्रेड रूट के रूप में उभर रहा है, जो मौजूदा समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करेगा।

इस साझेदारी के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

IMEC Ports Club की स्थापना : कॉरिडोर के प्रमुख पोर्ट्स के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक क्लब बनाया जाएगा, जिससे निर्बाध और कुशल ट्रांसपोर्ट चेन बनेगी।

ग्रीन इनिशिएटिव्स : वैकल्पिक फ्यूल्स, शोर पावर और लो-कार्बन टेक्नोलॉजीज पर फोकस, जो ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों से जुड़े हैं।

डिजिटलाइजेशन और स्मार्ट पोर्ट : पोर्ट ऑपरेशंस में AI, IoT और साइबर सिक्योरिटी टूल्स का उपयोग बढ़ेगा।

क्षमता विस्तार : मार्सिले फॉस की मौजूदा क्षमता IMEC को यूरोप के प्रमुख बाजारों से जोड़ेगी, जहां भारत का निर्यात बढ़ रहा है।

यह MoU फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हुआ, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हुआ। यह भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और IMEC तथा भारत-EU ट्रेड विजन से जुड़ा है।

अदाणी पोर्ट्स के भारत में मजबूत नेटवर्क, खासकर मुंद्रा और हजीरा पोर्ट्स के साथ यह साझेदारी IMEC को व्यावहारिक रूप देगी। मुंद्रा भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट है, जहां से यूरोप जाने वाले कंटेनर और कार्गो का बड़ा हिस्सा हैंडल होता है। मार्सिले फॉस की भूमध्य सागर स्थिति इसे यूरोप के दक्षिणी और मध्य भागों के लिए आदर्श बनाती है।

इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को लाभ होगा, क्योंकि ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होगी, डिलीवरी समय घटेगा और सप्लाई चेन अधिक विश्वसनीय बनेगी। साथ ही, ग्रीन कॉरिडोर से कार्बन फुटप्रिंट में कमी आएगी, जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों से मेल खाता है।

Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्ट्स और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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