“बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेवाओं के क्षेत्र में AI के प्रभाव की समीक्षा के लिए एक हाई-पावर कमेटी का गठन किया है, जो नौकरियों, स्किल्स और विकास पर फोकस करेगी। AI को गवर्नेंस, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में एकीकृत करने की योजनाएं घोषित की गईं, जिसमें भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म और इंडिया AI मिशन शामिल हैं। सेवाओं के निर्यात को 2047 तक वैश्विक लीडर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें टैक्स छूट और सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार होगा।”
बजट 2026: भारत के सर्विस सेक्टर का ‘AI टेस्ट’ शुरू! सरकार ने बनाई सुपर कमेटी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को 11 बार उल्लेख किया, जो किसी भी बजट में सबसे अधिक है। यह दर्शाता है कि सरकार सेवाओं के क्षेत्र को AI से मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। हाई-पावर एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो सेवाओं में AI के प्रभाव को जांचेगी और विकास के नए क्षेत्रों की पहचान करेगी। कमेटी का मुख्य उद्देश्य नौकरियों पर AI के असर को समझना और स्किल डेवलपमेंट के लिए सिफारिशें करना है।
सेवाओं के क्षेत्र में AI का एकीकरण तेजी से बढ़ रहा है, जहां IT, फाइनेंशियल सर्विसेज और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होंगे। कमेटी AI को एक फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में देखेगी, जो पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाएगा। उदाहरण के लिए, गवर्नेंस में AI के इस्तेमाल से प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी, जैसे कस्टम्स और टैक्सेशन में ऑटोमेटेड सिस्टम। बजट में इंडिया AI मिशन को मजबूत करने का ऐलान किया गया, जिसमें मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर डिजाइन पर फोकस होगा।
सेवाओं में AI के प्रमुख प्रभाव:
नौकरियों का परिवर्तन: कमेटी AI से प्रभावित जॉब्स की समीक्षा करेगी, जहां रूटीन टास्क ऑटोमेटेड होंगे लेकिन क्रिएटिव रोल्स बढ़ेंगे। अनुमान है कि 2030 तक सेवाओं में 20% जॉब्स AI से प्रभावित होंगे, लेकिन नए स्किल्स से 15 मिलियन नई नौकरियां सृजित होंगी।
स्किल अपग्रेडेशन: रीस्किलिंग प्रोग्राम्स के तहत 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं।
निर्यात लक्ष्य: भारत की सेवाओं का वैश्विक शेयर 2047 तक 10% करने का लक्ष्य है, जिसमें AI-ड्रिवेन सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स प्रमुख होंगे।
बजट में AI को विभिन्न सेक्टरों में एकीकृत करने की योजनाएं विस्तृत हैं। कृषि में भारत-विस्तार नामक मल्टीलिंगुअल AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जो किसानों को पर्सनलाइज्ड एडवाइजरी देगा। यह प्लेटफॉर्म कृषि पोर्टल्स को इंटीग्रेट करेगा और मौसम, मार्केट ट्रेंड्स पर आधारित सुझाव देगा, जिससे उत्पादकता 15-20% बढ़ सकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का फोकस दिव्यांगजनों के लिए असिस्टिव डिवाइसेज पर होगा, जहां दिव्यांग सहारा योजना के तहत हाई-क्वालिटी डिवाइसेज का उत्पादन बढ़ाया जाएगा।
AI इनिशिएटिव्स की टेबल:
| सेक्टर | AI एप्लीकेशन | अपेक्षित प्रभाव |
|---|---|---|
| गवर्नेंस | AI-पावर्ड पब्लिक सर्विस डिलीवरी | प्रशासनिक दक्षता में 30% वृद्धि, पेपरलेस प्रोसेसिंग |
| कृषि | भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म | 1.7 करोड़ किसानों को लाभ, उत्पादकता में 15% सुधार |
| स्वास्थ्य | असिस्टिव डिवाइसेज उत्पादन | सभी योग्य लाभार्थियों तक पहुंच, लागत में 20% कमी |
| शिक्षा | AI-इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म्स | 5 करोड़ छात्रों को पर्सनलाइज्ड लर्निंग, ड्रॉपआउट रेट में 10% कमी |
| फाइनेंस | कस्टम्स और टैक्सेशन ऑटोमेशन | फ्रॉड डिटेक्शन में 40% सुधार, प्रोसेसिंग टाइम में कमी |
कमेटी सेवाओं के क्षेत्र को विकसित भारत की दृष्टि से जोड़ेगी, जहां AI नेशनल क्वांटम मिशन के साथ मिलकर काम करेगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का लॉन्च किया गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का विस्तार होगा। विदेशी क्लाउड प्रोवाइडर्स को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा, अगर वे इंडियन डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करेंगे और लोकल रिसेलर के माध्यम से सर्विस दें। यह भारत को AI इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाएगा, जहां डेटा सेंटर क्षमता 5 गुना बढ़ सकती है।
सेवाओं में AI का टेस्ट विशेष रूप से IT और BPO सेक्टर में होगा, जहां जेनरेटिव AI टूल्स से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। कमेटी ऐसे क्षेत्रों की पहचान करेगी जहां AI से ग्रोथ ऑप्टिमाइज हो सके, जैसे फिनटेक में AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन या हेल्थकेयर में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स। बजट में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फंड को बढ़ावा दिया गया, जो AI इनोवेशन को सपोर्ट करेगा। युवाओं के लिए AI-फोकस्ड एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम्स शुरू होंगे, जिसमें स्टार्टअप्स को फंडिंग और मेंटरिंग मिलेगी।
कमेटी की जिम्मेदारियां और रोडमैप:
ग्रोथ एरियाज की पहचान: सेवाओं में AI के नए अवसर ढूंढना, जैसे क्लाउड-बेस्ड सर्विसेज और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन।
जॉब इम्पैक्ट असेसमेंट: AI से विस्थापित होने वाले जॉब्स की संख्या अनुमानित करना और रीस्किलिंग स्ट्रैटजी बनाना।
पॉलिसी रेकमेंडेशंस: टैक्स इंसेंटिव्स, रेगुलेशंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सुझाव, जो सेवाओं को ग्लोबल लीडर बनाए।
मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क: कमेटी केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों के साथ कोऑर्डिनेट करेगी, ताकि AI इम्प्लीमेंटेशन ट्रैक हो सके।
यूथ फोकस: युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए AI-ड्रिवेन एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट पाथवे बनाना।
AI का सेवाओं में एकीकरण भारत को टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन इकोनॉमी बनाएगा, जहां क्रिएटिव इकोनॉमी को भी बढ़ावा मिलेगा। बजट में क्रिएटिव सेक्टर को औपचारिक मान्यता दी गई, जहां AI टूल्स से कंटेंट क्रिएशन और मीडिया सर्विसेज में 혁신 आएगा। कमेटी AI के एथिकल यूज पर भी फोकस करेगी, जैसे डेटा प्राइवेसी और बायस रिडक्शन। अनुमान है कि AI से सेवाओं का GDP योगदान 25% से बढ़कर 35% हो सकता है, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा।
सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने के लिए AI-इनेबल्ड प्लेटफॉर्म्स विकसित किए जाएंगे, जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग बेस्ड सिमुलेशंस। कमेटी स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श करेगी, जिसमें इंडस्ट्री लीडर्स, एकेडेमिक्स और पॉलिसी मेकर्स शामिल होंगे। AI मिशन के तहत R&D फंड्स बढ़ाए गए, जो स्टार्टअप्स को AI इनोवेशन के लिए सपोर्ट देंगे। स्वास्थ्य में AI से प्रेडिक्टिव हेल्थकेयर मॉडल्स आएंगे, जो बीमारियों की पहले पहचान करेंगे।
AI और सेवाओं के चैलेंजेस:
स्किल गैप: वर्तमान वर्कफोर्स में AI स्किल्स की कमी, जिसे कमेटी रीस्किलिंग से दूर करेगी।
जॉब डिस्प्लेसमेंट: लो-स्किल जॉब्स में कमी, लेकिन हाई-स्किल रोल्स में वृद्धि।
इंफ्रास्ट्रक्चर: डेटा सेंटर्स और हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत, जिसके लिए बजट में निवेश बढ़ाया गया।
रेगुलेशन: AI के लिए नए कानून, जो इनोवेशन को बैलेंस करेंगे।
कमेटी का गठन सेवाओं को AI से टेस्ट करने का पहला कदम है, जो भारत को ग्लोबल AI हब बनाएगा।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट, टिप्स और सोर्सेज पर आधारित है।