होली 2026 में होलिका दहन की विशेष रात ग्रह दोष, शादी की बाधाएं और स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने का सुनहरा अवसर है। होलिका की अग्नि में सरल सामग्री अर्पित करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं, जबकि राख से जुड़े उपाय साल भर सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करते हैं। ये पारंपरिक ज्योतिषीय टोटके कुंडली की पीड़ा को शांत कर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
होली पर ग्रह पीड़ा, विवाह विलंब और रोग निवारण के प्रभावी उपाय
होलिका दहन 2026 में 3 मार्च को शाम के शुभ मुहूर्त में होगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च शाम से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी, और चंद्रग्रहण का संयोग इसे और भी शक्तिशाली बनाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका की अग्नि बुराई और ग्रह कष्टों को भस्म करने वाली मानी जाती है।
शादी में देरी दूर करने के उपाय विवाह विलंब मुख्यतः बृहस्पति, शुक्र या शनि की कमजोर स्थिति, मंगल दोष या 7वें भाव पर अशुभ प्रभाव से होता है। होली की रात इन बाधाओं को कम करने के लिए:
होलिका में एक मुट्ठी चने की दाल और गुड़ मिलाकर अर्पित करें। यह बृहस्पति को मजबूत कर विवाह योग बनाता है।
जलती होलिका में पीले फूलों की माला डालें और “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें।
होलिका दहन के बाद ठंडी राख लें, उसमें थोड़ा केसर मिलाकर माथे पर तिलक लगाएं। यह शुक्र को प्रसन्न कर जीवनसाथी प्राप्ति में सहायक होता है।
यदि मंगल दोष हो तो होलिका में लाल कपूर और लाल चंदन की लकड़ी डालें, इससे आक्रामकता कम होकर वैवाहिक जीवन सुचारु बनता है।
ग्रह पीड़ा और दोष निवारण के टोटके शनि, राहु-केतु या अन्य ग्रहों की पीड़ा से मुक्ति के लिए होलिका अग्नि सबसे प्रभावी माध्यम है:
राहु-केतु दोष के लिए मुट्ठी भर काले तिल और अलसी के बीज होलिका में डालें। यह नकारात्मक ऊर्जा को जलाकर शांति प्रदान करता है।
शनि पीड़ा दूर करने हेतु होलिका में सरसों का तेल और काले उड़द डालकर अर्पित करें। साथ ही “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 11 बार उच्चारण करें।
सामान्य ग्रह दोष के लिए सूखा नारियल लें, उसमें कपूर भरकर सिर से सात बार उतारें और होलिका में डाल दें। यह नेगेटिविटी और बुरी नजर से मुक्ति दिलाता है।
होलिका की राख में थोड़ा चावल का आटा मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर छिड़कें, इससे वास्तु दोष और ग्रह बाधाएं दूर होती हैं।
बीमारी और स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा होलिका दहन स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष शक्ति रखता है:
पुरानी बीमारियों से मुक्ति के लिए होलिका में नीम की लकड़ी और गुग्गल डालें। यह रोग नाशक माना जाता है।
नजर दोष या मानसिक तनाव के लिए एक कटोरी में गंगाजल लें, उसमें होलिका की राख मिलाकर स्नान करें।
यदि कोई पुरानी बीमारी हो तो होलिका में एक छोटा सा लौंग और इलायची डालें, साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें।
होलिका दहन के बाद राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें, इससे आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी खर्च कम होते हैं।
अन्य लाभकारी होली उपाय
धन प्राप्ति के लिए होलिका में हल्दी की गांठ और कमलगट्टे डालें, “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद” मंत्र का जाप करें।
घर में सुख-शांति के लिए होलिका की राख में राई और नमक मिलाकर मुख्य द्वार पर पोटली लटकाएं।
होलाष्टक (24 फरवरी से शुरू) में हनुमान चालीसा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ शुरू करें, इससे ग्रहों की उग्रता कम होती है।
ये उपाय सरल, घरेलू सामग्री से किए जा सकते हैं और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें श्रद्धा से अपनाने से होली 2026 जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।



