“गुरुग्राम में भारत की सबसे ऊंची इमारत का प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार ने ग्लोबल सिटी में इस मेगा टावर के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है, जो Palais Royale से भी ऊंची होगी और भारतीय स्काईलाइन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगी। यह प्रोजेक्ट दुबई के बुर्ज खलीफा जैसी आइकॉनिक संरचना बनकर उभरेगा, जिसमें मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट, लग्जरी रेजिडेंशियल, ऑफिस और होटल शामिल होंगे।”
भारत की ‘बुर्ज खलीफा’ बनने जा रही है गुरुग्राम में
हरियाणा के गुरुग्राम में भारत की अब तक की सबसे ऊंची इमारत का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। यह प्रोजेक्ट ग्लोबल सिटी के अंदर विकसित किया जा रहा है, जो द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे 1003 एकड़ में फैला हुआ है। हरियाणा सरकार ने इस मेगा टावर के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल दे दिया है, जिससे यह भारत की स्काईलाइन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा।
वर्तमान में भारत की सबसे ऊंची पूरी हुई इमारत मुंबई की लोकहंडवाला मिनर्वा है, जो 301 मीटर ऊंची और 78 मंजिला है। वहीं Palais Royale भी 320 मीटर की ऊंचाई के साथ टॉप पर है, लेकिन यह प्रोजेक्ट इसे पीछे छोड़ देगा। ग्लोबल सिटी टावर की प्रस्तावित ऊंचाई को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह 350 मीटर से अधिक होगी, जो इसे सुपरटॉल कैटेगरी में लाएगी।
यह टावर सिर्फ ऊंचाई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ेगा, बल्कि मिक्स्ड-यूज कॉन्सेप्ट पर आधारित होगा। इसमें लग्जरी अपार्टमेंट्स, हाई-एंड ऑफिस स्पेस, 5-स्टार होटल, रिटेल जोन, स्काई गार्डन और ऑब्जर्वेशन डेक शामिल होंगे। डेवलपर्स का लक्ष्य इसे दुबई के बुर्ज खलीफा (828 मीटर), सिंगापुर के टैन ब्रंग सेंटर या यूरोप के मर्क्यूरियम जैसी इमारतों को टक्कर देने लायक बनाना है, खासकर एशियाई और ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए।
प्रोजेक्ट की कुल लागत हजारों करोड़ रुपये होने का अनुमान है। भूमि अधिग्रहण, इंजीनियरिंग, हाई-स्ट्रेंथ कंक्रीट, स्टील स्ट्रक्चर और एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम्स में भारी निवेश होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से दिल्ली-NCR, जयपुर और अन्य शहरों से आसान पहुंच मिलेगी, जिससे रियल एस्टेट वैल्यू में भारी उछाल आएगा।
यह विकास NCR में ऊंची इमारतों की होड़ को और तेज करेगा। नोएडा की Supernova Spira (300 मीटर, 80 मंजिल) अभी निर्माणाधीन है और 2025 के मिड तक पूरी हो सकती है, लेकिन गुरुग्राम का यह प्रोजेक्ट इसे भी पीछे छोड़ देगा। मुंबई में World One (280 मीटर) और Piramal Aranya Arav (282 मीटर) जैसी इमारतें पहले से मौजूद हैं, लेकिन नॉर्थ इंडिया में गुरुग्राम अब लीडर बनने जा रहा है।
प्रोजेक्ट में सस्टेनेबल फीचर्स पर फोकस रहेगा। सोलर पैनल, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट और AI-बेस्ड सिक्योरिटी सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे ऊर्जा खपत 30-40% तक कम होगी और पर्यावरण अनुकूल बनेगा। इंटरनेशनल आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स की टीम काम कर रही है, ताकि डिजाइन ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरे।
ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट में यह टावर सेंट्रल लैंडमार्क बनेगा, ठीक वैसे ही जैसे बुर्ज खलीफा दुबई की पहचान है। इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, टूरिज्म को बूस्ट मिलेगा और हजारों जॉब्स क्रिएट होंगे। कंस्ट्रक्शन 2026 में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि कंप्लीशन 2030 तक संभव है।
यह कदम भारत को ग्लोबल स्काईस्क्रेपर मैप पर मजबूती से स्थापित करेगा, जहां अब तक मुंबई और नोएडा आगे थे। गुरुग्राम अब ‘इंडिया का बुर्ज खलीफा’ बनाने की राह पर है, जो आर्थिक विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का नया प्रतीक बनेगा।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और प्रोजेक्ट अपडेट्स पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।



