महाशिवरात्रि 2026 पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें अलग-अलग प्रवेश द्वार, मेडिकल सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग शामिल हैं। महाशिवरात्रि पर मंदिर के कपाट रात 2:30 बजे खुलेंगे और लगभग 44 घंटे तक निरंतर दर्शन जारी रहेंगे, जिससे भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
महाकाल शिवरात्रि 2026: 10 लाख भक्तों की भीड़, 44 घंटे से ज्यादा दर्शन का मौका
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि 2026 का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस बार मंदिर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि महापर्व के दौरान करीब 10 लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक होने की संभावना है, क्योंकि शिव नवरात्रि के 9 दिनों से उत्सव शुरू हो चुका है और भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
महाशिवरात्रि पर मंदिर की विशेष व्यवस्था के तहत कपाट 15 फरवरी की रात 2:30 बजे खोले जाएंगे। दर्शन 16 फरवरी की रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेंगे, यानी कुल मिलाकर 44 घंटे से अधिक समय भक्तों को बिना रुकावट दर्शन का अवसर मिलेगा। सामान्य दिनों में मंदिर सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक खुलता है, लेकिन महाशिवरात्रि पर यह अवधि काफी बढ़ा दी जाती है ताकि अधिक से अधिक लोग भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।
भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं की तैयारियां
मंदिर समिति ने महाशिवरात्रि के लिए विशेष बैठकें की हैं और कई स्तरों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रवेश और निकास व्यवस्था : सामान्य दर्शन और शीघ्र दर्शन के लिए अलग-अलग रूट बनाए गए हैं।
पार्किंग और जूता स्टैंड : बड़ी संख्या में वाहनों के लिए पार्किंग और जूते रखने की व्यवस्था।
मेडिकल और आपातकालीन सुविधाएं : मेडिकल हेल्पडेस्क, एम्बुलेंस, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की टीमें तैनात।
सुरक्षा : सीसीटीवी निगरानी, पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग।
स्वच्छता और पानी : पीने का पानी, सफाई और लाइटिंग की पूरी व्यवस्था।
प्रसाद वितरण : लड्डू प्रसाद का वितरण सुचारू रूप से।
इन तैयारियों से भक्तों को सुरक्षित और सुगम दर्शन मिल सकेगा। पिछले वर्षों में महाशिवरात्रि पर 6-12 घंटे तक कतार लगने की स्थिति रही है, इसलिए इस बार भी लंबी लाइन की उम्मीद है। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह जल्दी या देर रात पहुंचें ताकि इंतजार कम हो।
महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा और अनुष्ठान
महाशिवरात्रि के दिन गर्भगृह में विशेष महापूजा होगी। बाबा महाकाल को सवा मन फल और पुष्पों से सजा मुकुट पहनाया जाएगा, जो विवाहोत्सव का प्रतीक है। चार प्रहर की पूजा, रुद्राभिषेक और भस्म आरती का विशेष महत्व रहेगा। शिव नवरात्रि के दौरान पहले से ही भक्त रुद्राभिषेक और विशेष श्रृंगार देख रहे हैं, जिसमें उमा-महेश श्रृंगार प्रमुख रहा है।
दर्शन टिप्स भक्तों के लिए
ऑनलाइन बुकिंग अगर उपलब्ध हो तो पहले से कर लें, खासकर भस्म आरती के लिए।
मोबाइल, कैमरा और अनावश्यक सामान घर पर छोड़ें या लॉकर में रखें।
पानी और हल्का प्रसाद साथ रखें, क्योंकि लंबी कतार में इंतजार हो सकता है।
मास्क और सेनिटाइजर का इस्तेमाल जारी रखें।
परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो बच्चों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
यह महापर्व भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहेगा, जहां बाबा महाकाल के दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होने की विश्वास है। उज्जैन पहुंचने वाले सभी श्रद्धालु सुरक्षित और आनंदपूर्ण दर्शन प्राप्त करें।



