महाराष्ट्र बोर्ड की 12वीं परीक्षाओं के पहले दिन ही बीड जिले के चौसाला में बड़ा नकल कांड सामने आया है। ड्रोन से रिकॉर्ड वीडियो में पालक और परिजन दीवार पर चढ़कर खिड़कियों से छात्रों को चिट्स पहुंचाते दिखे। जांच शुरू, सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी। राज्य भर में 42 अनियमितताएं दर्ज, नकल रोकने के दावों पर सवाल।
महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा में नकल का शर्मनाक खेल
महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन (MSBSHSE) की 12वीं (HSC) परीक्षाएं 10 फरवरी 2026 से शुरू हुईं। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान बीड जिले के चौसाला स्थित एक जूनियर कॉलेज में सामूहिक नकल का मामला सामने आया। ड्रोन कैमरे से कैद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अभिभावक और अन्य लोग परीक्षा केंद्र की दीवार फांदकर खिड़कियों के पास पहुंचते दिख रहे हैं। वे छात्रों को उत्तरों वाली चिट्स और पर्चियां सौंपते नजर आए।
यह घटना परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद हुई। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे लोग दीवार पर चढ़कर अंदर बैठे छात्रों तक सामग्री पहुंचा रहे थे। बीड जिला प्रशासन ने इस वीडियो को गंभीरता से लिया है। जिला मजिस्ट्रेट विवेक जॉनसन ने बताया कि लगभग तीन घंटे का फुटेज उपलब्ध है, जिसकी जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि नकल रोकने के लिए पहले से लगाए गए इंतजामों के बावजूद यह घटना शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनी है।
राज्य स्तर पर भी पहले दिन कई अनियमितताएं सामने आईं। बोर्ड ने पूरे महाराष्ट्र में 42 मामलों की रिपोर्ट दर्ज की। इनमें छात्रों के पास फोटोकॉपी उत्तर, आपसी नकल और अन्य गड़बड़ियां शामिल हैं। मुंबई, कोल्हापुर और कोंकण डिवीजन में कोई मामला नहीं मिला, लेकिन अन्य क्षेत्रों से शिकायतें आईं। छत्रपति संभाजीनगर जिले के एक स्कूल में भी मास कॉपीिंग का मामला सामने आया, जहां 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें invigilators भी शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज से सबूत मिलने पर स्टाफ को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
बोर्ड ने नकल रोकने के लिए व्यापक उपाय किए थे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बंदोबस्त अनिवार्य किया गया। संवेदनशील केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था है। 248 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया, जहां पहले नकल की घटनाएं हुई थीं। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर दायरे में सभी Xerox केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए। कुछ केंद्रों पर Zoom और Google Meet के जरिए रिमोट सर्विलांस की जा रही है।
इसके बावजूद बीड की घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पालकों की भागीदारी नकल को और गंभीर बनाती है। कई अभिभावक छात्रों पर दबाव डालते हैं, जिससे ऐसी हरकतें बढ़ती हैं। बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष नंदकुमार बेडसे ने कहा कि ऐसे मामलों से डर का माहौल बनाना जरूरी है। जांच पूरी होने पर छात्रों, invigilators और बाहर से मदद करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। इसमें परीक्षा रद्द करना, भविष्य में परीक्षा देने पर रोक और कानूनी सजा शामिल हो सकती है।
महाराष्ट्र में SSC (10वीं) परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड ने सभी केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ड्रोन, सीसीटीवी और पुलिस की मदद से निगरानी और सख्त की जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि नकल मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नकल रोकने के प्रमुख उपाय (तालिका)
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| पुलिस बंदोबस्त | सभी केंद्रों पर अनिवार्य |
| लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग | संवेदनशील केंद्रों पर रीयल-टाइम सर्विलांस |
| ड्रोन सर्विलांस | बाहरी गतिविधियों पर नजर |
| Zoom/Google Meet | चुनिंदा केंद्रों पर रिमोट मॉनिटरिंग |
| Xerox केंद्र बंद | 500 मीटर दायरे में परीक्षा अवधि तक |
| संवेदनशील केंद्र | 248 केंद्रों पर विशेष निगरानी |
यह घटना शिक्षा में नैतिकता और पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है। बोर्ड और प्रशासन अब जांच के बाद दोषियों को सजा देकर मिसाल कायम करने की तैयारी में हैं।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। इसमें कोई स्रोत या समय-तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।



