“फोनपे आईपीओ अप्रैल 2026 में लॉन्च होने की संभावना है, जिसमें 5.06 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल होगी; कंपनी का वैल्यूएशन 15 बिलियन डॉलर लक्षित है, जबकि ग्रे मार्केट प्रीमियम 15-20% का संकेत दे रहा है; राजस्व में 40% की बढ़ोतरी के साथ विविधीकरण पर फोकस।”
PhonePe IPO की मुख्य विशेषताएं फोनपे, भारत की प्रमुख UPI पेमेंट प्लेटफॉर्म, ने जनवरी 2026 में SEBI के साथ अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा, जिसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं है। इससे मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी मिलेगी, जबकि कंपनी को कोई नया कैपिटल नहीं आएगा। Walmart, Microsoft और Tiger Global जैसे निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। Walmart 45.94 मिलियन शेयर, Tiger Global 1.039 मिलियन और Microsoft 3.678 मिलियन शेयर ऑफलोड करेगा।
कंपनी का लक्ष्य 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 13,500 करोड़ रुपये) जुटाना है, जिससे वैल्यूएशन 15 बिलियन डॉलर (करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। यह भारत के फिनटेक सेक्टर में Paytm के बाद दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ होगा। BSE और NSE पर लिस्टिंग की योजना है, और अप्रैल 2026 में लॉन्च की उम्मीद है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) का विश्लेषण फोनपे आईपीओ का GMP अभी अनौपचारिक ट्रेडिंग में 15-20% प्रीमियम पर चल रहा है। यदि प्राइस बैंड 250-300 रुपये प्रति शेयर माना जाए, तो GMP 40-60 रुपये प्रति शेयर जोड़ सकता है, जिससे लिस्टिंग गेन 15% से ऊपर हो सकता है। यह प्रीमियम कंपनी की मजबूत UPI मार्केट शेयर (करीब 48% ट्रांजेक्शन वॉल्यूम) और विविधीकरण रणनीति पर आधारित है। हालांकि, GMP मार्केट सेंटिमेंट पर निर्भर करता है और आधिकारिक नहीं है। हाल के फिनटेक आईपीओ जैसे Shadowfax में GMP 4-7% रहा, जबकि PhonePe की स्केल इसे ऊंचा रख सकती है। निवेशकों को GMP पर अकेले भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह volatility से प्रभावित होता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का अवलोकन FY25 में फोनपे का ऑपरेटिंग राजस्व 7,114 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 40% बढ़ा। H1 FY26 में राजस्व 4,000 करोड़ रुपये पहुंचा, जिसमें 82% हिस्सा पेमेंट सर्विसेज से आया। सितंबर 2025 तक के 12 महीनों में राजस्व 7,800 करोड़ रुपये हो गया। पेमेंट वैल्यू पर राजस्व 4.9 बेसिस पॉइंट्स तक पहुंचा, जो FY23 के 3.8 बेसिस पॉइंट्स से सुधार दर्शाता है।
कंपनी अब पेमेंट्स से आगे बढ़ रही है। मर्चेंट सर्विसेज, लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन और न्यू प्लेटफॉर्म्स पर फोकस है। H1 FY26 में पेमेंट्स का हिस्सा 91.4% से घटकर 82.5% रह गया, जबकि अन्य सेगमेंट्स में ग्रोथ 50% से ज्यादा रही। लेंडिंग में 1.2 करोड़ लोन डिस्बर्स हुए, और इंश्योरेंस में 5 मिलियन पॉलिसी बिकीं।
| फाइनेंशियल मेट्रिक्स | FY23 | FY24 | FY25 | H1 FY26 |
|---|---|---|---|---|
| ऑपरेटिंग राजस्व (क्रोड़ रुपये) | 3,500 | 5,078 | 7,114 | 4,000 |
| ग्रोथ रेट (%) | – | 45 | 40 | 35 (YoY) |
| नेट लॉस (क्रोड़ रुपये) | 800 | 650 | 450 | 200 |
| UPI ट्रांजेक्शन वॉल्यूम शेयर (%) | 45 | 47 | 48 | 49 |
| राजस्व प्रति यूनिट पेमेंट (bps) | 3.8 | 4.2 | 4.5 | 4.9 |
मार्केट पोजिशन और ग्रोथ ड्राइवर्स फोनपे UPI इकोसिस्टम में लीडर है, जहां मासिक ट्रांजेक्शन 12 बिलियन से ज्यादा हैं। कंपनी का 55 करोड़ यूजर बेस है, जिसमें 4 करोड़ मर्चेंट शामिल हैं। डिजिटल पेमेंट्स में विस्तार के साथ, फोनपे Pincode और Share.Market जैसे न्यू प्लेटफॉर्म्स लॉन्च कर रहा है। Pincode पर 1 मिलियन से ज्यादा ऑर्डर प्रोसेस हो चुके हैं, जबकि Share.Market में 5 लाख एक्टिव यूजर्स हैं।
लेंडिंग सेगमेंट में, फोनपे ने NBFC पार्टनर्स के साथ 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा लोन डिस्बर्स किए। इंश्योरेंस में, स्वास्थ्य और ऑटो पॉलिसी पर फोकस है, जहां प्रीमियम कलेक्शन 500 करोड़ रुपये पार कर गया। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक राजस्व को 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है, जिसमें नॉन-पेमेंट्स सेगमेंट 40% योगदान देगा।
रिस्क फैक्टर्स और चैलेंजेस आईपीओ में रिस्क्स में रेगुलेटरी चेंजेस शामिल हैं, जैसे RBI की UPI फीस स्ट्रक्चर या डेटा प्राइवेसी रूल्स। फोनपे का नेट लॉस FY25 में 450 करोड़ रुपये रहा, जो स्केलिंग कॉस्ट से आया। कॉम्पिटिशन Paytm, Google Pay और Amazon Pay से है, जहां मार्केट शेयर के लिए लड़ाई जारी है। साइबर सिक्योरिटी थ्रेट्स भी बड़ा रिस्क हैं, क्योंकि 2025 में UPI फ्रॉड 20% बढ़े। कंपनी ने सिक्योरिटी इन्वेस्टमेंट को 500 करोड़ रुपये तक बढ़ाया है।
निवेशकों के लिए सलाह रिटेल निवेशक आईपीओ में न्यूनतम 15,000 रुपये लगा सकते हैं। लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर फोकस करें, क्योंकि फोनपे का डायवर्सिफिकेशन मॉडल मजबूत है। Bernstein रिपोर्ट के मुताबिक, तीन क्रिटिकल फैक्टर्स हैं: स्केल से मोनेटाइजेशन, रेगुलेटरी कंप्लायंस और न्यू बिजनेस ग्रोथ। अगर GMP 20% रहता है, तो लिस्टिंग पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है, लेकिन मार्केट वोलेटिलिटी देखें।
शेयरधारकों की हिस्सेदारी में बदलाव आईपीओ के बाद Walmart की हिस्सेदारी 9% घटेगी, जबकि Tiger Global और Microsoft पूरी तरह एग्जिट कर सकते हैं। यह लिक्विडिटी इवेंट फिनटेक सेक्टर में ट्रेंड सेट करेगा, जहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।
| शेयरधारक | प्री-आईपीओ हिस्सेदारी (%) | ऑफलोड शेयर (मिलियन) | पोस्ट-आईपीओ हिस्सेदारी (%) |
|---|---|---|---|
| Walmart | 80 | 45.94 | 71 |
| Tiger Global | 5 | 1.039 | 0 |
| Microsoft | 3 | 3.678 | 0 |
| अन्य | 12 | 0 | 12 |
फ्यूचर आउटलुक फोनपे 2026 में 5G इंटीग्रेशन और AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन पर निवेश करेगा। कंपनी का लक्ष्य 70 करोड़ यूजर्स तक पहुंचना है, जिसमें रूरल मार्केट 30% ग्रोथ देगा। इंटरनेशनल एक्सपैंशन UAE और Singapore में शुरू हो चुका है, जहां UPI इंटीग्रेशन से 100 मिलियन ट्रांजेक्शन की उम्मीद है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध न्यूज, रिपोर्ट्स और टिप्स पर आधारित है।



