पवित्र माह-ए-रमजान 2026 में भारत में गुरुवार 19 फरवरी से शुरू होने की प्रबल संभावना है। बुधवार 18 फरवरी की शाम को चांद दिखने की खगोलीय स्थिति अनुकूल है और कई स्थानीय कमेटियां इसे देखने की तैयारी में हैं। सऊदी अरब में पहले ही चांद दिख चुका है, जिससे वहां 18 फरवरी से रोजे शुरू हो गए हैं। भारत में अगर आज चांद नजर आया तो पहला रोजा 19 फरवरी को, अन्यथा 20 फरवरी को होगा। सहरी और इफ्तार के समय शहरों के अनुसार अलग-अलग होंगे, लेकिन औसतन 12-13 घंटे का रोजा रहेगा।
रमजान का चांद: भारत में कब और कैसे होगा दीदार
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान हर साल चंद्रमा के नए चरण (हिलाल) के दिखने पर शुरू होता है। साल 1447 हिजरी में शाबान महीने की 29वीं तारीख बुधवार 18 फरवरी 2026 को पड़ रही है। खगोलीय गणना के मुताबिक नया चांद (conjunction) 17 फरवरी को दोपहर में हो चुका है, लेकिन उस दिन दुनिया में कहीं भी नजर नहीं आ सका।
भारत में चांद दिखने का सबसे अच्छा समय सूर्यास्त के बाद 6:15 PM से 6:45 PM IST के बीच होगा। पश्चिम दिशा में साफ क्षितिज वाले इलाकों में, जैसे दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई और कोलकाता में मुस्लिम समुदाय और रुएत-ए-हिलाल कमेटियां सक्रिय रूप से नजर रख रही हैं। कई जगहों पर दूरबीन और टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन पारंपरिक नंगी आंख से दीदार को प्राथमिकता दी जाती है।
सऊदी अरब, UAE, कतर जैसे खाड़ी देशों में 17 फरवरी की शाम को चांद दिख गया, जिसके बाद वहां 18 फरवरी से रमजान शुरू हो गया है और तरावीह की नमाज भी शुरू हो चुकी है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में आमतौर पर सऊदी के एक दिन बाद चांद देखा जाता है, इसलिए यहां 19 फरवरी पहला रोजा होने की उम्मीद मजबूत है। सिंगापुर, इंडोनेशिया, मलेशिया ने भी 19 फरवरी की पुष्टि कर दी है।
पहला रोजा कब? संभावित तारीखें और प्रभाव
अगर 18 फरवरी को भारत में चांद दिख गया → पहला रोजा 19 फरवरी 2026 (गुरुवार)
अगर चांद न दिखा → पहला रोजा 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार)
अधिकांश खगोलीय डेटा और पिछले पैटर्न के आधार पर 19 फरवरी से शुरुआत तय मानी जा रही है। कई शहरों में मस्जिदों ने पहले से ही तरावीह की तैयारी पूरी कर ली है और अगर चांद दिखा तो आज रात इशा के बाद तरावीह शुरू हो जाएगी।
सहरी और इफ्तार का अनुमानित समय (दिल्ली-NCR आधारित, अन्य शहरों में ±10-20 मिनट अंतर संभव)
| तारीख | सहरी (Suhoor) अंतिम समय | इफ्तार (Iftar) समय | रोजा की अवधि (लगभग) |
|---|---|---|---|
| 19 फरवरी 2026 | 5:36 AM | 6:15 PM | 12 घंटे 39 मिनट |
| 20 फरवरी 2026 | 5:35 AM | 6:16 PM | 12 घंटे 41 मिनट |
| 21 फरवरी 2026 | 5:34 AM | 6:17 PM | 12 घंटे 43 मिनट |
(नोट: ये समय दिल्ली के लिए हैं। उत्तर भारत में सहरी थोड़ी देर बाद और दक्षिण में पहले हो सकती है। स्थानीय मस्जिद या ऐप से सटीक समय लें।)
रमजान की तैयारियां और महत्वपूर्ण बातें
मुस्लिम समुदाय बाजारों में खरीदारी, खाने-पीने की चीजों का इंतजाम और दान-पुण्य की तैयारियों में जुटा है। मस्जिदों में सफाई, तरावीह के इमामों की नियुक्ति और कुरान ख्वानी की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। रमजान में रोजेदार सुबह सहरी से पहले उठकर खाना खाते हैं और सूर्यास्त पर इफ्तार करते हैं। इस दौरान खान-पान में संयम, नमाज, कुरान तिलावत और सदका पर जोर दिया जाता है।
चांद दिखने की खबर मिलते ही स्थानीय कमेटियां घोषणा करेंगी। कई जगहों पर हेल्पलाइन और सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट दिए जा रहे हैं। मुस्लिम भाई-बहनों से अपील है कि चांद दिखने की सूचना स्थानीय उलेमा या कमेटी को दें।
रमजान मुबारक की तैयारियां जोरों पर हैं और उम्मीद है कि यह महीना शांति, इबादत और एकता का पैगाम लेकर आएगा।
Disclaimer: यह खबर चंद्र दर्शन, खगोलीय गणना और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। अंतिम तारीख स्थानीय रुएत-ए-हिलाल कमेटी की आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगी।



