रमजान 1447 हिजरी का दूसरा रोजा कल शुक्रवार (जुमे) को रखा जाएगा। मुंबई में सहरी सुबह 5:52 बजे तक और इफ्तार शाम 6:40 बजे होगा, जबकि हैदराबाद में सहरी 5:28 बजे और इफ्तार 6:19 बजे निर्धारित है। प्रमुख शहरों में रोजे की अवधि लगभग 12-13 घंटे रहेगी। चंद्रमा दिखाई देने के आधार पर समय में मामूली बदलाव संभव है।
रमजान का दूसरा रोजा कल जुमे पर, जानें अपने शहर का सहरी-इफ्तार समय
रमजान-ul-Mubarak का दूसरा रोजा कल शुक्रवार को होगा, जो जुमे की नमाज के साथ विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। मुस्लिम समुदाय सुबह-सुबह सहरी करके रोजा रखने की तैयारी कर रहा है और शाम को इफ्तार के साथ परिवार-रिश्तेदारों के साथ इबादत में शामिल हो रहा है। भारत के विभिन्न शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय अलग-अलग है।
मुंबई में कल सहरी का आखिरी समय सुबह 5:52 बजे तक रहेगा, जबकि इफ्तार शाम 6:40 बजे होगा। हैदराबाद में सहरी 5:28 बजे और इफ्तार 6:19 बजे निर्धारित है। दिल्ली में सहरी 5:39 बजे तक और इफ्तार 6:13 बजे होगा। ये समय Fiqa Hanafi के अनुसार हैं और स्थानीय मस्जिदों या विश्वसनीय ऐप्स से दोबारा कन्फर्म करने की सलाह दी जाती है।
प्रमुख शहरों में कल (दूसरे रोजे) के सहरी-इफ्तार समय
| शहर | सहरी का समय (AM) | इफ्तार का समय (PM) | रोजे की अनुमानित अवधि |
|---|---|---|---|
| मुंबई | 05:52 | 06:40 | लगभग 12 घंटे 48 मिनट |
| हैदराबाद | 05:28 | 06:19 | लगभग 12 घंटे 51 मिनट |
| दिल्ली | 05:39 | 06:13 | लगभग 12 घंटे 34 मिनट |
| बेंगलुरु | 05:29 | 06:27 | लगभग 12 घंटे 58 मिनट |
| कोलकाता | 04:51 | 05:35 | लगभग 12 घंटे 44 मिनट |
| चेन्नई | 05:18 | 06:16 | लगभग 12 घंटे 58 मिनट |
ये समय वर्तमान ट्रेंड्स और प्रमुख स्रोतों से लिए गए हैं, जहां रोजे की लंबाई दक्षिण भारत में थोड़ी अधिक है क्योंकि सूर्यास्त देर से होता है। जुमे के दिन मस्जिदों में विशेष नमाज और दुआओं का इज्तिमा होगा, जहां लोग तरावीह के अलावा जुमे की खुत्बे में रमजान की फजीलत सुनेंगे।
सहरी और इफ्तार के लिए जरूरी टिप्स
सहरी में पौष्टिक भोजन लें जैसे ओट्स, फल, दही, अंडे और नट्स जो एनर्जी लंबे समय तक बनाए रखें। ज्यादा नमकीन या मीठा खाने से बचें ताकि पूरे दिन प्यास न लगे। इफ्तार खजूर और पानी से शुरू करें, फिर हल्का सूप या फल लें और उसके बाद मुख्य भोजन। ज्यादा तले-भुने से परहेज करें।
रमजान में स्वास्थ्य का ख्याल रखें, खासकर गर्मी बढ़ने की स्थिति में हाइड्रेशन पर फोकस करें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों के लिए रोजा रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
जुमे का रोजा विशेष पुण्य का है, इसलिए नीयत मजबूत रखें और कुरान तिलावत बढ़ाएं। रमजान की बरकतें सभी पर बरसें।
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और वर्तमान अनुमानों पर आधारित है। स्थानीय मस्जिद या आधिकारिक चंद्र दर्शन कमेटी के अनुसार समय में बदलाव हो सकता है।



