होली के ठीक बाद 13 मार्च 2026 से शनि मीन राशि में अस्त होंगे, जो लगभग 40 दिनों (22 अप्रैल तक) तक चलेगा। यह स्थिति 30 वर्ष बाद ऐसी विशेष है, क्योंकि शनि की कमजोर ऊर्जा से तीन राशियों को अप्रत्याशित लाभ, करियर में प्रगति और सेक्टर्स में बड़े बदलाव के योग बन रहे हैं। साथ ही वक्री शनि का लंबा दौर भी किस्मत पलट सकता है।
शनि अस्त 2026: विस्तृत प्रभाव और बदलाव
शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। जब शनि अस्त होते हैं, तो उनकी ऊर्जा सूर्य के निकट होने से कमजोर पड़ जाती है, जिससे सामान्य बाधाएं कम हो सकती हैं और कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव तेजी से आते हैं। 2026 में यह अस्त अवधि होली (मार्च मध्य) के बाद शुरू हो रही है, जो करीब 40 दिन चलेगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 13 मार्च से 22 अप्रैल 2026 तक शनि मीन राशि में अस्त रहेंगे। इसके बाद जुलाई में शनि वक्री (27 जुलाई से 11 दिसंबर तक, कुल 138 दिन) होंगे, जो पुराने कर्मों की समीक्षा और सुधार का समय लाएगा।
यह अस्त स्थिति विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लगभग 30 वर्ष बाद शनि मीन में ऐसी कमजोर अवस्था में हैं, जहां उनकी दृष्टि और प्रभाव से कुछ राशियों की पुरानी परेशानियां दूर हो सकती हैं।
तीन राशियां जिनकी किस्मत सबसे ज्यादा बदलेगी
वृषभ राशि शनि की दृष्टि और गोचर से वृषभ राशि वालों को लंबे समय से चल रही आर्थिक रुकावटें कम होंगी। अस्त शनि के दौरान नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में नए साझेदार और निवेश से अप्रत्याशित लाभ के योग बनेंगे। स्वास्थ्य में स्थिरता आएगी और पारिवारिक विवाद सुलझ सकते हैं।
तुला राशि तुला राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है। अस्त अवस्था में करियर में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। आर्थिक रूप से मजबूती आएगी और रिश्तों में सुधार होगा।
मकर राशि मकर राशि वालों के लिए यह समय पुरानी मेहनत का फल देने वाला साबित होगा। अस्त शनि से नौकरी-व्यापार में स्थिरता, संपत्ति संबंधी लाभ और स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। लंबित मुकदमे या विवाद सकारात्मक दिशा में जा सकते हैं।
इन तीन राशियों के अलावा अन्य राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा, लेकिन ये सबसे प्रमुख लाभ वाली हैं।
प्रभावित सेक्टर्स जहां बड़े बदलाव आएंगे
शनि अस्त और वक्री का संयुक्त प्रभाव अर्थव्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा असर डालेगा। कमजोर शनि से रुकावटें कम होने पर विकास के नए रास्ते खुल सकते हैं:
रियल एस्टेट और निर्माण सेक्टर अस्त अवस्था में प्रॉपर्टी डील्स में तेजी आएगी, क्योंकि शनि की बाधाएं कम होंगी। नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होंगे और पुरानी संपत्तियां बिक्री के लिए अनुकूल रहेंगी।
कृषि और संबंधित उद्योग किसानों के लिए राहत के योग, फसल मूल्यों में स्थिरता और सरकारी योजनाओं से लाभ। लंबे समय से प्रभावित खेती क्षेत्र में सुधार दिखेगा।
श्रमिक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर वर्कर्स की मेहनत का बेहतर मूल्यांकन, वेतन वृद्धि और नई फैक्टरियां लगने के अवसर। वक्री शनि से पुरानी मशीनरी अपग्रेड होगी।
बैंकिंग, फाइनेंस और निवेश लंबित लोन क्लियरेंस तेज, लेकिन सावधानी बरतें। स्टॉक मार्केट में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट फायदेमंद, शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी प्रोजेक्ट्स देरी कम होगी, बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे रोड, ब्रिज और रेलवे में प्रगति।
उपाय जो हर कोई कर सकता है
शनिवार को सरसों का तेल दान करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनि मंत्र “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करें।
काले तिल, काले कपड़े या लोहे की वस्तु दान करें।
पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और शनि स्तोत्र का पाठ करें।
यह समय धैर्य और मेहनत का है। शनि अस्त से कमजोर पड़कर भी वे न्याय करते हैं, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखें।
Disclaimer: यह लेख ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य रुझानों पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें।



