ट्रेड डील की तेजी के बाद सुस्त हुआ शेयर बाजार, गिरावट के साथ बंद! Nifty50 के लिए 25800 बना बड़ा चैलेंज

“शेयर बाजार में ट्रेड डील की शुरुआती उछाल के बाद गिरावट आई, जहां Sensex 200 अंक गिरकर 84,300 पर बंद हुआ और Nifty50 50 अंक गिरकर 25,750 पर। वैश्विक अनिश्चितताओं और लाभ बुकिंग के कारण बाजार सुस्त पड़ा, जबकि Nifty50 के लिए 25800 का स्तर प्रमुख प्रतिरोध बना हुआ है। सेक्टरों में IT और FMCG में कमजोरी दिखी, जबकि मेटल्स में रिकवरी।”

शेयर बाजार का प्रदर्शन

आज भारतीय शेयर बाजार ने ट्रेड डील से जुड़ी शुरुआती उत्साह के बाद सुस्ती दिखाई और गिरावट के साथ बंद हुआ। Sensex ने दिन की शुरुआत में 84,700 के स्तर को छुआ, लेकिन दोपहर बाद लाभ बुकिंग और वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेतों के कारण 200 अंकों की गिरावट दर्ज की, अंत में 84,300 पर बंद हुआ। इसी तरह Nifty50 ने 25,850 तक उछाल दिखाया, लेकिन 50 अंकों की गिरावट के साथ 25,750 पर सेटल हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि Nifty50 के लिए 25800 का स्तर अब एक बड़ा चैलेंज बन गया है, क्योंकि इस स्तर पर मजबूत बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

ट्रेड डील की पृष्ठभूमि में, भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हालिया समझौते ने शुरुआती दिनों में बाजार को बूस्ट दिया था, जहां निर्यात-आधारित सेक्टरों जैसे फार्मा और टेक्सटाइल में 5-7% की तेजी आई। लेकिन अब निवेशक वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं से सतर्क हो गए हैं, विशेष रूप से US Federal Reserve की ब्याज दरों में संभावित कटौती की अनिश्चितता के कारण।

सेक्टर-वाइज विश्लेषण

बाजार में सेक्टरल प्रदर्शन मिश्रित रहा, लेकिन कुल मिलाकर नकारात्मक रुझान हावी रहा। IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां Infosys और TCS जैसे स्टॉक्स 2-3% गिरे, क्योंकि US अर्थव्यवस्था में सुस्ती से आउटसोर्सिंग डिमांड पर असर पड़ा। FMCG सेक्टर में भी कमजोरी दिखी, Hindustan Unilever और ITC में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई, जो उपभोक्ता खर्च में कमी की ओर इशारा कर रही है।

दूसरी ओर, मेटल्स सेक्टर में रिकवरी देखी गई, Tata Steel और Hindalco 1-2% ऊपर बंद हुए, क्योंकि चीन से आयात पर नए टैरिफ की खबरों से घरेलू उत्पादकों को फायदा हुआ। बैंकिंग सेक्टर स्थिर रहा, HDFC Bank और SBI में मामूली 0.5% की बढ़त दर्ज की गई, लेकिन PSU बैंक जैसे PNB में 1% की गिरावट आई। ऑटो सेक्टर में Maruti Suzuki और Mahindra & Mahindra जैसे स्टॉक्स फ्लैट रहे, जबकि EV सेगमेंट में Tata Motors 1.2% ऊपर बंद हुआ।

टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेक्टरआज की बदलाव (%)प्रमुख स्टॉक्स का प्रदर्शन
IT-2.1Infosys: -2.5%, TCS: -1.8%
FMCG-1.4HUL: -1.6%, ITC: -1.2%
Metals+1.3Tata Steel: +1.5%, Hindalco: +1.0%
Banking+0.4HDFC Bank: +0.6%, SBI: +0.3%
Auto0.0Maruti: -0.2%, Tata Motors: +1.2%

Nifty50 में आज के टॉप गेनर्स में Adani Ports (2.4% ऊपर) और ONGC (1.8% ऊपर) शामिल रहे, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर की मजबूती दर्शाते हैं। वहीं टॉप लूजर्स में Tech Mahindra (3.1% नीचे) और Wipro (2.7% नीचे) रहे, जो IT सेक्टर की कमजोरी को उजागर करते हैं। Midcap और Smallcap इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई, जहां BSE Midcap 0.8% गिरा और Smallcap 1.1% नीचे बंद हुआ।

Adani Ports : पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की खबरों से उछाल, लेकिन वॉल्यूम कम रहा।

ONGC : कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता से फायदा, लेकिन ग्लोबल डिमांड पर नजर।

Tech Mahindra : क्लाइंट बजट कट से प्रभावित, Q4 अनुमान कमजोर।

Wipro : कर्मचारी छंटनी की अफवाहों से दबाव, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ संभावित।

वैश्विक संकेतों का असर

वैश्विक बाजारों से नकारात्मक क्यूज ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया। US में Dow Jones 0.5% गिरा, जबकि Nasdaq में टेक स्टॉक्स की कमजोरी से 1% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में Nikkei 225 और Hang Seng भी 0.7-1% नीचे बंद हुए। यूरोपीयन बाजारों में FTSE 100 स्थिर रहा, लेकिन DAX में 0.4% की गिरावट दर्ज हुई। कच्चे तेल की कीमतें Brent Crude 75 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहीं, जो भारत के आयात बिल को नियंत्रित रख सकती हैं।

रुपये में भी कमजोरी देखी गई, जहां USD/INR 83.50 के स्तर पर पहुंचा, जो FII आउटफ्लो के कारण हुआ। FII ने आज 1,200 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि DII ने 800 करोड़ की खरीदारी से बाजार को सपोर्ट किया।

तकनीकी विश्लेषण और भविष्य के रुझान

तकनीकी रूप से, Nifty50 का 50-डे मूविंग एवरेज 25,600 पर है, जो सपोर्ट लेवल के रूप में काम कर रहा है। यदि यह टूटता है, तो 25,400 तक गिरावट संभव है। वहीं 25800 का स्तर रेजिस्टेंस बना हुआ है, जहां पिछले तीन सत्रों में ब्रेकआउट फेल हुआ। RSI इंडिकेटर 45 पर है, जो ओवरसोल्ड जोन की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन MACD में नेगेटिव क्रॉसओवर से सतर्कता बरतनी चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी RBI मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों पर फैसला बाजार की दिशा तय करेगा। यदि रेपो रेट 6.5% पर स्थिर रहता है, तो बैंकिंग सेक्टर में उछाल आ सकता है। साथ ही, Q3 आय सीजन में कॉर्पोरेट परिणामों पर नजर रहेगी, जहां IT कंपनियों से कमजोर ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 8-10% की बढ़त संभव।

निवेशकों के लिए सलाह

निवेशक शॉर्ट-टर्म में सतर्क रहें, क्योंकि वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) 15 के स्तर पर पहुंच गया है, जो अनिश्चितता दर्शाता है। डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाएं, जहां डिफेंसिव स्टॉक्स जैसे FMCG और फार्मा पर फोकस करें। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए, Nifty50 के 25,500 के स्तर पर खरीदारी का अवसर हो सकता है। SIP के माध्यम से म्यूचुअल फंड्स में निवेश जारी रखें, क्योंकि बाजार की औसत वार्षिक रिटर्न 12-15% बनी हुई है।

तकनीकी इंडिकेटर्सवर्तमान स्तरव्याख्या
50-डे MA25,600मजबूत सपोर्ट
RSI45ओवरसोल्ड की ओर
India VIX15बढ़ती अनिश्चितता
MACDनेगेटिवबेयरिश सिग्नल

बाजार में कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम 25 लाख करोड़ रहा, जो औसत से 10% कम है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:2 रहा, जहां गिरने वाले स्टॉक्स की संख्या ज्यादा रही।

ट्रेड डील का दीर्घकालिक प्रभाव

ट्रेड डील के दीर्घकालिक प्रभाव में, भारत के निर्यात में 15-20% की बढ़त की उम्मीद है, विशेष रूप से कृषि और टेक्सटाइल सेक्टर में। लेकिन सप्लाई चेन डिसरप्शन से चुनौतियां भी हैं, जहां आयात पर निर्भर इंडस्ट्रीज प्रभावित हो सकती हैं। सरकार की PLI स्कीम से घरेलू उत्पादन को बूस्ट मिलेगा, जो मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा।

Disclaimer: This is a news report based on available sources. Tips provided are for informational purposes only and do not constitute financial advice. Readers should consult certified professionals before making investment decisions.

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