“उत्तर प्रदेश में आरटीई कोटा के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25% सीटों पर एडमिशन के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। तीन चरणों में चलने वाली प्रक्रिया में पात्रता मानदंडों में उम्र सीमा 3 से 7 वर्ष तक निर्धारित है, जबकि आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर लॉटरी सिस्टम से सीट आवंटन होगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को लाभ मिलेगा।”
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने 2026-27 सत्र के लिए राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और तीन चरणों में पूरी होगी, ताकि सभी सीटें भरी जा सकें। आवेदन rte25.upsdc.gov.in पोर्टल पर जमा किए जा सकते हैं, जहां अभिभावक रजिस्ट्रेशन से लेकर दस्तावेज अपलोड तक सब कुछ मैनेज कर सकते हैं।
आरटीई कोटा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए है, जो प्री-प्राइमरी (नर्सरी, LKG, UKG) और क्लास 1 में एडमिशन ले सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को पोर्टल पर एडमिशन स्टेटस अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। यदि पहली लॉटरी में सीटें खाली रहती हैं, तो अगले चरण में दोबारा आवेदन लिए जाएंगे।
आवेदन की समयसीमा और चरण
आरटीई एडमिशन प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक चरण में रजिस्ट्रेशन, फॉर्म सबमिशन और लॉटरी शामिल है। नीचे दी गई टेबल में विस्तृत शेड्यूल है:
| चरण | आवेदन तिथियां | प्रमुख गतिविधियां |
|---|---|---|
| चरण 1 | 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026 | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फॉर्म भरना, दस्तावेज अपलोड और लॉटरी ड्रॉ |
| चरण 2 | 21 फरवरी से 7 मार्च 2026 | बची हुई सीटों के लिए नए आवेदन, दस्तावेज वेरिफिकेशन और सीट आवंटन |
| चरण 3 | 12 मार्च से 25 मार्च 2026 | अंतिम चरण में शेष सीटों का आवंटन, लॉटरी और एडमिशन कन्फर्मेशन |
इन चरणों के दौरान अभिभावकों को पोर्टल पर स्टेटस चेक करने की सुविधा मिलेगी, जैसे छात्र आवेदन स्टेटस और मैप्ड प्राइवेट स्कूलों की लिस्ट। यदि कोई दस्तावेज गलत पाया जाता है, तो आवेदन रद्द हो सकता है, इसलिए सटीक जानकारी भरना जरूरी है।
पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?
आरटीई के तहत एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र और परिवार की आर्थिक स्थिति मुख्य पात्रता हैं। उम्र की गणना 1 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। नीचे दिए गए पॉइंट्स में विस्तार से समझें:
उम्र सीमा :
नर्सरी: 3 वर्ष से अधिक लेकिन 4 वर्ष से कम।
LKG: 4 वर्ष से अधिक लेकिन 5 वर्ष से कम।
UKG: 5 वर्ष से अधिक लेकिन 6 वर्ष से कम।
क्लास 1: 6 वर्ष से अधिक लेकिन 7 वर्ष से कम।
यदि बच्चा इन उम्र सीमाओं में फिट नहीं बैठता, तो आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उम्र प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
आर्थिक और सामाजिक पात्रता :
परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए (EWS कैटेगरी के लिए)।
वंचित समूहों में SC/ST, OBC, विकलांग या विधवा परिवार शामिल हैं।
बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है, लेकिन माता-पिता में से किसी एक का आधार जरूरी है।
यदि परिवार के पास राशन कार्ड है, तो इसे प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि यह आय और निवास प्रमाणित करता है।
आवश्यक दस्तावेज: क्या-क्या जमा करें?
आवेदन के समय सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे। अधूरे दस्तावेजों वाले फॉर्म रिजेक्ट हो सकते हैं। यहां प्रमुख दस्तावेजों की लिस्ट है:
माता या पिता का आधार कार्ड (किसी एक का पर्याप्त)।
बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र (उम्र सत्यापन के लिए)।
आय प्रमाणपत्र (तहसीलदार या संबंधित अधिकारी से जारी)।
निवास प्रमाणपत्र (वोटर आईडी, बिजली बिल या किराया एग्रीमेंट)।
जाति प्रमाणपत्र (यदि SC/ST/OBC कैटेगरी में आवेदन)।
राशन कार्ड (परिवार की पहचान के लिए)।
विकलांगता या पेंशन प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)।
दस्तावेज अपलोड करते समय फाइल साइज 2MB से कम रखें और PDF या JPG फॉर्मेट में सबमिट करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेजों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
आरटीई पोर्टल पर आवेदन सरल है, लेकिन सही तरीके से फॉलो करना जरूरी है। यहां चरणबद्ध तरीका:
rte25.upsdc.gov.in पर जाएं और ‘न्यू रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करें।
बच्चे का नाम, जन्मतिथि, लिंग और परिवार की डिटेल्स भरें।
मोबाइल नंबर और ईमेल वेरिफाई करें (OTP से)।
पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट चुनें (जिले के मैप्ड प्राइवेट स्कूलों से)।
दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
आवेदन नंबर नोट करें, जो स्टेटस चेक के लिए काम आएगा।
लॉटरी रिजल्ट पोर्टल पर चेक करें और यदि सीट मिले, तो स्कूल में कन्फर्मेशन के लिए जाएं।
यदि तकनीकी समस्या आए, तो हेल्पलाइन नंबर 1800-XXX-XXXX (विभागीय) पर संपर्क करें। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे RTE छात्रों से कोई फीस न लें, क्योंकि सरकार रिम्बर्समेंट करती है।
सीट आवंटन और लॉटरी सिस्टम
एडमिशन लॉटरी के माध्यम से होगा, जो पारदर्शी और रैंडम है। प्रत्येक जिले में सीटों की संख्या स्कूलों की क्षमता पर निर्भर है। उदाहरण के लिए, लखनऊ जैसे बड़े जिलों में हजारों सीटें उपलब्ध हैं, जबकि छोटे जिलों में सैकड़ों। यदि पहली प्राथमिकता वाले स्कूल में सीट न मिले, तो दूसरी या तीसरी प्राथमिकता पर विचार किया जाएगा।
लॉटरी के बाद अभिभावकों को SMS अलर्ट मिलेगा, और पोर्टल पर रिजल्ट डाउनलोड किया जा सकता है। यदि सीट स्वीकार न की जाए, तो वह अगले चरण में उपलब्ध हो जाएगी। विभाग ने स्कूलों को RTE कोटे की 25% सीटें रिजर्व रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
महत्वपूर्ण टिप्स अभिभावकों के लिए
आवेदन से पहले पोर्टल पर उपलब्ध स्कूल लिस्ट चेक करें।
दस्तावेजों की कॉपी हमेशा रखें, क्योंकि वेरिफिकेशन के समय मांगी जा सकती हैं।
यदि परिवार की आय सीमा पार हो, तो आवेदन न करें, अन्यथा रद्द होगा।
प्राइवेट स्कूलों में RTE छात्रों को समान सुविधाएं मिलेंगी, जैसे किताबें, यूनिफॉर्म और मिड-डे मील।
यदि कोई शिकायत हो, तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करें।
यह प्रक्रिया लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर देगी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां प्राइवेट स्कूल सीमित हैं। विभाग ने सभी जिलों में RTE हेल्पडेस्क स्थापित किए हैं, जहां अभिभावक व्यक्तिगत सहायता ले सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट और टिप्स पर आधारित है। स्रोतों का उल्लेख नहीं किया गया है।