यूएस-ईरान युद्ध से फ्लाइट्स कैंसिल? टेंशन न लें! UAE में फंसे भारतीय यात्रियों का ठहरना-खाना सरकार उठाएगी पूरा खर्च

“अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में एयरस्पेस बंद होने से हजारों फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। यूएई के दुबई, अबू धाबी जैसे हब एयरपोर्ट बंद हैं, जिससे लाखों यात्री फंस गए हैं। अच्छी खबर यह है कि यूएई सरकार ने 20,000 से ज्यादा फंसे यात्रियों के होटल ठहरने, भोजन और रीबुकिंग का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है। भारतीय यात्री भी इस राहत से लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि भारत सरकार भी सहायता के लिए हेल्पलाइन सक्रिय कर रही है।”

यूएस-ईरान युद्ध से फ्लाइट्स कैंसिल? टेंशन न लें! UAE में फंसे यात्रियों के ठहरने-खाने का पूरा खर्च उठाएगी सरकार

संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिससे मिडिल ईस्ट के प्रमुख एयरस्पेस पूरी तरह बंद हो गए हैं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल और दोहा के हमद इंटरनेशनल जैसे विश्व के सबसे व्यस्त हब बंद पड़े हैं। इससे भारत से यूएई, कतर, सऊदी अरब समेत पश्चिम एशिया जाने वाली और आने वाली सभी प्रमुख फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं।

एयर इंडिया ने यूएई, सऊदी अरब, इज़राइल और कतर के लिए सभी फ्लाइट्स 2 मार्च तक स्थगित कर दी हैं। इंडिगो, अकासा एयर और स्पाइसजेट ने भी पश्चिम एशिया रूट्स पर उड़ानें निलंबित की हैं, जिससे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य भारतीय एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल हो गईं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मिडिल ईस्ट में 3,000 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं, जिसमें 2,800 से ज्यादा कैंसलेशन शामिल हैं।

इस संकट में सबसे बड़ी राहत यूएई सरकार की ओर से आई है। जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने इमरजेंसी एविएशन सपोर्ट प्लान एक्टिवेट किया है, जिसके तहत 20,000 से अधिक फंसे यात्रियों के ठहरने, भोजन, रिफ्रेशमेंट और फ्लाइट रीबुकिंग का पूरा खर्च राज्य उठाएगा। अबू धाबी डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म ने होटलों को निर्देश दिए हैं कि फंसे मेहमानों के एक्स्ट्रा रूम चार्जेस सीधे सरकार को बिल किए जाएं। कई भारतीय यात्रियों ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्हें फ्री फूड वाउचर और होटल ठहरने की सुविधा मिली है।

यह सहायता उन सभी यात्रियों के लिए है जिनकी फ्लाइट्स कैंसल या रीशेड्यूल हुई हैं। यूएई के एयरपोर्ट टर्मिनल्स में सपोर्ट डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां यात्री सहायता ले सकते हैं। भारतीय यात्रियों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यूएई भारत का प्रमुख ट्रांजिट हब है और लाखों भारतीय वहां काम करते या घूमने जाते हैं।

भारत सरकार भी स्थिति पर नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रभावित क्षेत्रों में भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की हैं। अबू धाबी के लिए टोल-फ्री नंबर 800-46342 और व्हाट्सएप +971543090571 उपलब्ध है। ईमेल pbsk.dubai@mea.gov.in या ca.abudhabi@mea.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय मिशनों से संपर्क कर सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, फिलहाल इवैक्यूएशन फ्लाइट्स की योजना नहीं है, लेकिन स्थिति सुधरने पर विशेष उड़ानें संचालित की जा सकती हैं।

एयरलाइंस ने भी राहत पैकेज दिए हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर ने प्रभावित यात्रियों के लिए फुल फ्लेक्सिबिलिटी, रीशेड्यूलिंग और रिफंड ऑप्शंस दिए हैं। यात्रियों को सलाह है कि वे अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से अपडेट चेक करें और अनावश्यक यात्रा टालें।

प्रभावित यात्रियों के लिए मुख्य सलाह:

एयरलाइन से सीधे संपर्क करें रिफंड या रीबुकिंग के लिए।

यूएई एयरपोर्ट पर GCAA सपोर्ट डेस्क से मदद लें।

भारतीय हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें यदि जरूरत हो।

यात्रा बीमा पॉलिसी चेक करें, क्योंकि डिले या कैंसलेशन कवर मिल सकता है।

क्षेत्र में रहते हुए लोकल अथॉरिटीज के अलर्ट फॉलो करें।

यह संकट वैश्विक एविएशन के लिए बड़ा झटका है, लेकिन यूएई की त्वरित सहायता से फंसे यात्रियों को कुछ राहत मिली है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जैसे ही एयरस्पेस खुलेंगे, उड़ानें बहाल होंगी।

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