“मां का प्रसव दर्द असहनीय होता है, लेकिन जैसे ही नवजात शिशु का स्पर्श मां को होता है, वह दर्द पल भर में गायब हो जाता है। स्वामी बाबा भक्ति प्रकाश के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जहां उन्होंने बताया कि यह प्रकृति का चमत्कार और मातृत्व की दिव्य शक्ति है।”
बच्चे को जन्म देते ही मां का दर्द कैसे हो जाता है छूमंतर? स्वामी जी का वायरल खुलासा
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक वीडियो लोगों के दिल को छू रहा है। इस वीडियो में स्वामी बाबा भक्ति प्रकाश ने मातृत्व के एक गहन रहस्य को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान मां जो तीव्र पीड़ा सहती है, वह बच्चे के जन्म के ठीक बाद अचानक समाप्त क्यों हो जाती है।
प्रसव प्रक्रिया में मां का शरीर कई बदलावों से गुजरता है। लेबर पेन के दौरान एंडोर्फिन्स और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ता है। प्रसव पूरा होते ही नवजात का पहला स्पर्श मां की त्वचा पर पड़ता है, जिसे स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट कहा जाता है। यह स्पर्श ऑक्सीटोसिन को और अधिक रिलीज करता है, जो दर्द निवारक के रूप में काम करता है और मां को तुरंत राहत प्रदान करता है।
स्वामी जी ने वीडियो में कहा कि यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक स्तर पर भी होता है। बच्चा मां के गर्भ से निकलते ही एक नई ऊर्जा लेकर आता है, जो मां के दर्द को अवशोषित कर लेता है। उन्होंने इसे ईश्वरीय लीला बताया, जहां मां का त्याग और प्रेम दर्द को छूमंतर कर देते हैं। यह स्पर्श न केवल दर्द कम करता है, बल्कि मां-बच्चे के बीच बंधन को मजबूत बनाता है, स्तनपान शुरू करने में मदद करता है और पोस्टपार्टम रिकवरी को तेज करता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट से मां का ब्लड प्रेशर और हृदय गति सामान्य होती है। बच्चे का तापमान स्थिर रहता है, सांस लेने में सुधार होता है और रोना कम होता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि इस स्पर्श से मां में डिप्रेशन के लक्षण 30-40% तक कम हो सकते हैं।
स्वामी जी ने आगे बताया कि भारतीय संस्कृति में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। जन्म के तुरंत बाद बच्चे को मां की गोद में रखा जाता है, ताकि दोनों की ऊर्जा एक हो जाए। उन्होंने कहा, “मां का दर्द बच्चे के आने से नहीं बढ़ता, बल्कि बच्चा ही उस दर्द का अंत करता है। यह मातृत्व की सबसे बड़ी शक्ति है।”
यह वीडियो लाखों बार देखा जा चुका है और लोग कमेंट्स में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई माताएं लिख रही हैं कि उन्होंने खुद यह अनुभव किया है। एक यूजर ने लिखा, “सच में, जैसे ही बेटा छुआ, सारे दर्द भूल गई।” दूसरे ने कहा, “यह ईश्वर की कृपा है।”
यह खुलासा न केवल भावुक कर रहा है, बल्कि नई माताओं को स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट के महत्व को समझा रहा है। अस्पतालों में अब इस प्रैक्टिस को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि हर मां इस दिव्य अनुभव से गुजर सके।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और वायरल कंटेंट पर आधारित है। चिकित्सकीय सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।



