Volvo Cars ने अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV EX30 के 40,323 यूनिट्स को रिकॉल किया है। हाई-वोल्टेज बैटरी पैक में ओवरहीटिंग का खतरा है, जो आग लगने का कारण बन सकता है। प्रभावित मॉडल्स में Single-Motor Extended Range और Twin-Motor Performance शामिल हैं। कंपनी मालिकों को सलाह दे रही है कि फिलहाल चार्जिंग 70% तक सीमित रखें और वाहन को बाहर पार्क करें। मुफ्त में बैटरी मॉड्यूल्स बदले जाएंगे। भारत में अभी अलग से रिकॉल की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वैश्विक प्रभावित वाहनों की जांच जरूरी।
Volvo EX30 में मिली गड़बड़ी की जानकारी, निर्माता ने हजारों यूनिट्स के लिए जारी किया रिकॉल
Volvo Cars ने अपनी कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV EX30 के लिए बड़ा रिकॉल अभियान शुरू किया है। कंपनी ने कुल 40,323 यूनिट्स को प्रभावित बताया है, जो मुख्य रूप से Single-Motor Extended Range और Twin-Motor Performance वैरिएंट्स हैं। समस्या हाई-वोल्टेज बैटरी पैक में है, जहां कुछ मॉड्यूल्स ओवरहीट हो सकते हैं और दुर्लभ मामलों में आग लगने का जोखिम बढ़ सकता है।
यह रिकॉल वैश्विक स्तर पर लागू है और उन वाहनों को प्रभावित करता है जिनमें विशेष सप्लायर से आए हाई-वोल्टेज सेल्स लगे हैं। उत्पादन अवधि 2024 से 2026 तक की कुछ खास बैचों तक सीमित है। कंपनी ने अभी तक किसी भी आग या दुर्घटना की रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुरंत कार्रवाई की है।
प्रभावित मालिकों को तुरंत सूचित किया जा रहा है। अंतरिम उपाय के रूप में Volvo ने सलाह दी है:
बैटरी को 70% से ज्यादा चार्ज न करें।
वाहन को घर के अंदर या बंद गैरेज में चार्ज/पार्क न करें, बाहर खुले में रखें।
समस्या का स्थायी समाधान बैटरी मॉड्यूल्स का मुफ्त रिप्लेसमेंट होगा, जो उसी सप्लायर से नए पार्ट्स के साथ किया जाएगा।
यह रिकॉल EX30 के लिए कंपनी की सेफ्टी इमेज पर असर डाल सकता है, क्योंकि Volvo हमेशा से सुरक्षा के लिए जानी जाती है। अनुमान है कि इस रिप्लेसमेंट पर कंपनी को करीब 200 मिलियन डॉलर तक का खर्च आ सकता है। EX30 Volvo की EV लाइनअप में महत्वपूर्ण मॉडल है, जो चीनी सस्ते ब्रैंड्स से मुकाबला करने के लिए लॉन्च किया गया था।
भारत में EX30 की डिलीवरी हाल के महीनों में शुरू हुई है और यह यहां के EV मार्केट में प्रीमियम कॉम्पैक्ट सेगमेंट में लोकप्रिय हो रही है। हालांकि, अभी भारत के लिए अलग से रिकॉल नोटिस जारी नहीं किया गया है, लेकिन वैश्विक प्रभावित VIN वाले वाहनों के मालिकों को Volvo India से संपर्क करना चाहिए। मालिक अपने VIN (Vehicle Identification Number) से आधिकारिक Volvo वेबसाइट या कस्टमर केयर के जरिए जांच सकते हैं।
प्रभावित मॉडल्स की मुख्य डिटेल्स:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल प्रभावित यूनिट्स | 40,323 |
| प्रभावित वैरिएंट्स | Single-Motor Extended Range, Twin-Motor Performance |
| समस्या का प्रकार | हाई-वोल्टेज बैटरी मॉड्यूल ओवरहीटिंग |
| जोखिम | बैटरी आग लगने की संभावना |
| अंतरिम सलाह | चार्जिंग 70% तक सीमित, बाहर पार्क करें |
| समाधान | मुफ्त बैटरी मॉड्यूल रिप्लेसमेंट |
| लागत अनुमान (कंपनी पर) | लगभग 200 मिलियन डॉलर |
Volvo ने कहा है कि समस्या की जड़ को पहचान लिया गया है और नए मॉड्यूल्स में इसे ठीक कर दिया गया है। कंपनी अन्य मॉडल्स या बैटरी टाइप्स पर इस समस्या के कोई संकेत नहीं होने का दावा कर रही है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है और सुरक्षा संबंधी मामलों में हमेशा आधिकारिक चैनलों से पुष्टि करें।



